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वन विभाग की लापरवाही के चलते सोनबरसा जंगल में बीते 20 दिनों में 6 हिरणों की मौत

० विभाग ने जताई अनभिज्ञता, 48 घंटे के भीतर हो चुकी 2 हिरणों का शिकार
० ग्रामीणों को अंदेशा कही बिना पीएम के हिरणों को नहीं लगा रहे ठिकाना

लटुवा। ग्राम पंचायत लटुवा से लगे सोनबरसा जंगल में इन दिनों हिरणों की मौत का सिलसिला थामने का नाम नहीं ले रही है 48 घंटो के भीतर 2 हिरणों की मौत हो चुकी है लेकिन विभागीय कर्मचारी है की हिरणों की मौत से लगातार इनकार कर रही है अगर देखा जाए तो महज 20 दिनों के अंदर लटुवा इलाके से लगे खेतो में और गांव में 6 से अधिक हिरणों की मौत कुत्तों के द्वारा शिकार करने के चलते हुई है ,लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी है की इन जंगली जीव जंतु की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करने के बजाय इस बात को छुपाते फिर रहे है, जिसके चलते वन्य जीव प्रेमियों ,ग्रामीणों में और जनप्रतिनिधियों , में भारी आक्रोश व्याप्त है ,विभाग द्वारा जंगल को चारो तरफ से पत्थर की दीवार और लोहे की जाली से घेर कर सुरक्षित रखने के दावे की जाती है .

बावजूद इसके महज 48 घंटे के भीतर ही 2 हिरणों की मौत गुरुवार और शुक्रवार की रात हुई जिसकी लाश वनविभाग के कर्मचारियों द्वारा वनविभाग के नर्सरी के पास लगे खेतो में ग्रामीणों की जानकारी के बाद मिला है ये सिर्फ उन हिरणों की बात हो रही है जो लटुवा के आसपास के क्षेत्र के है बाकी जंगल के दूसरे सिरे में और भी हिरणों की मौत होती होगी जिसको विभाग द्वारा दबा दिया जाता है , वही विभाग के भरत साहू से फोन पे जानकारी मांगने पर उनके द्वारा किसी भी हिरण की मौत से इंकार कर दिया गया ,जिस पर ग्राम लटुवा के पंचायत प्रतिनिधियों का ये सवाल है की ये सब विभागीय अधिकारियों की जानकारी में है या उनको अंधेरे में रखा जा रहा है हिरणों का पोस्ट मार्डेम किया जाता है या फिर उनके अंगों को निकाल कर बेच दिया जाता है .

ग्रामीणों के मन में तरह तरह के सवाल उठ रहे है उनका कहना है की जब विभागीय अधिकारी ,कर्मचारी रात्रि गस्त नही कर सकते जंगली जीवों की सुरक्षा नहीं कर सकते तो तनख्वा किस बात का ले रहे है जिस जंगल और जंगली जीवों की रक्षा के लिए उनको नौकरी में रखा गया है वो अगर अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहे है तो सरकार को चाहिए की इनको आराम देकर सही आदमी को काम में रखे और वन्य जीवों की सुरक्षा करे।

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