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छत्तीसगढ़ के दो अस्पतालों को ‘मुस्कान’ कार्यक्रम के लिए मिला एनक्यूएएस प्रमाण पत्र

० केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मूल्यांकन में दुर्ग जिला अस्पताल को 97 प्रतिशत और पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मिले 84 प्रतिशत अंक

० पीडियाट्रिक ओपीडी, पीडियाट्रिक वार्ड, एसएनसीयू, एनआरसी और एनबीएसयू का टीम ने किया मूल्यांकन

रायपुर।’मुस्कान’ कार्यक्रम के तहत बच्चों और नवजातों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा तथा उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराने वाले दुर्ग जिला चिकित्सालय एवं पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS – National Quality Assurance Standard) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने विगत दिसम्बर माह में जिला चिकित्सालय दुर्ग का और इस साल जनवरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन का निरीक्षण कर इन दोनों अस्पतालों में बच्चों व नवजातों के लिए उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया था। टीम ने इस संबंध में वहां इलाज कराने वालों से भी फीडबैक लिया था।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मूल्यांकन में जिला अस्पताल दुर्ग को 97 प्रतिशत और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन को 84 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। टीम ने दुर्ग जिला चिकित्सालय में पीडियाट्रिक ओपीडी, पीडियाट्रिक वार्ड, एसएनसीयू और एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) का परीक्षण किया। वहीं उन्होंने पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीडियाट्रिक ओपीडी और एनबीएसयू (Newborn Stabilization Unit) का निरीक्षण कर मूल्यांकन किया।

अस्पतालों का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन 12 मानकों के आधार पर किया जाता है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का कई मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इसके लिए संस्था द्वारा सेवा प्रदायगी, मरीज संतुष्टि, क्लिनिकल सर्विसेस, इनपुट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विसेस, गुणवत्तापूर्ण प्रबंध, आउटपुट जैसे मानकों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन में खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

 

 

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