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PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया सम्मानित

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जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna of the Republic of Indonesia) से सम्मानित किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने जकार्ता स्थित राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में आयोजित औपचारिक समारोह में यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

30 से अधिक देशों से मिल चुका सर्वोच्च सम्मान

इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्हें 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च या प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है और दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता का प्रतीक है।

क्या है ‘बिंतांग आदिपूर्णा’?

‘बिंतांग रिपब्लिक इंडोनेशिया आदिपूर्णा’ इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसकी स्थापना 1959 में हुई थी। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, समृद्धि और राष्ट्रीय हितों के लिए असाधारण योगदान दिया हो। विदेशी नेताओं को यह सम्मान दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने में विशेष योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।

राष्ट्रपति भवन में हुआ भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन की अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए और स्वागत के लिए इंडोनेशिया का आभार व्यक्त किया।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार, कृषि और बुनियादी ढांचे समेत कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने कई समझौतों और सहमति पत्रों पर भी हस्ताक्षर किए, जिनमें रक्षा क्षेत्र का सहयोग प्रमुख रहा।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, महासागर (MAHASAGAR) विजन और मुक्त, समावेशी एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।