Close

कौन हैं सेंट्रल विस्टा के डिजाइनर बिमल पटेल

दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट और पुरी में जगन्नाथ मंदिर की मास्टर प्लानिंग- भारत के कल्चरल और अरबन लैंडस्केप के ये सभी सिंबल्स भले ही देश के अलग-अलग कोनों में स्थित हैं, लेकिन इनका मास्टर आर्किटेक्ट एक ही हैं- बिमल पटेल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन की डिजाइन का जिम्मा भी पटेल की कंपनी एच सी पी डिजाइन को सौंपा है।

सेंट्रल विस्टा के डिजाइनर बिमल पटेल कौन हैं

1. डॉ. विमल पटेल अहमदाबाद के रहने वाले हैं, उन्होंने सेंट जेवियर स्कूल से पढ़ाई की है।

2. डॉ. बिमल बचपन से फिजिक्स साइंटिस्ट बनना चाहते थे, लेकिन उनके स्कूल के एक सीनियर जेशूइट ने उन्हें सोशल और नेशनल डेवलेपमेंट के बारे में सोचने को कहा।

3. वह अहमदाबाद की जानी मानी यूनिवर्सिटी CEPT के प्रेसिडेंट भी हैं, इसके अलावा वो एक डिजाइन फर्म HCP डिजाइन, प्लानिंग और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत सांसद के अलावा कई अन्य सरकारी इमारतों को फिर से बनाया जाएगा, इसके डिजाइन से लेकर कई अन्य प्रोजेक्ट पर काम करने वाले वाले व्यक्ति बिमल पटेल ने मोदी सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रोजक्ट डिजाइन किए हैं ।

सेन्ट्रल विस्टा का प्रोजेक्ट डिटेल

जैसा की हमको पता चल चूका है की सेन्ट्रल विस्टा एक नई ईमारत होगी जिसमें संसद भवन और अन्य मंत्रालयों के दफ्तर भी होंगे इसके अलावा इसमें उपराष्ट्रपति का निवास भी होगा साथ ही प्रधान मंत्री का नया निवास और प्रधानमंत्री का कार्यालय भी  सेन्ट्रल विस्टा में ही बनाया जाएगा सांसदों के लिए कार्यालयों का निर्माण किया जायगा इसके के अलावा सेन्ट्रल सेकेट्रिएट, सेकेट्रिएट एनेक्सचर सेन्ट्रल कॉन्फ्रेंस सेंटर और बहुत सारे म्युसियम भी बनाये जांयेंगे ।

सेन्ट्रल विस्टा में कुल 64500 वर्गमीटर क्षेत्र में नया संसद भवन बनाया जा रहा है जिसके कंस्ट्रक्शन का काम टाटा प्रोजेक्ट्स के ज़िम्मे है इसके डिजाइनिंग का काम एच सी पी के ज़िम्मे है इस प्रोजेक्ट में पुराने संसद भवन के दोनों तरफ तिकोने आकर में दो बुलिडिंग बनेंगी जैसा की आपने देख होगा की पुराने संसद भवन की जो बिल्डिंग है वो गोल आकर में है जोकि बहुत खूबसूरत नज़र आती है मगर अब जो नई बिल्डिंग बन रही है उसका आकर तिकोने आकर होगा जब आप नई और पुरानी बिल्डिंग को एक साथ देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा जैसे आप हिरे की शेप को देख रहे हैं।

 

0 Comments
scroll to top