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शव वाहन नहीं मिलने से बाइक से ले जाने मजबूर हुआ परिवार

अस्पताल प्रबंधन से अपने बच्चे के शव को ले जाने के लिए पिता मन्नते करता रहा मगर किसी ने एक न सुनी…

रिपोर्ट,सोमेश पटेल, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक अपने बच्चे को अस्पताल लेकर आया। अपनी मां की मौत के बाद शव वाहन तलाश करता रहा, लेकिन जब शव वाहन नहीं मिला तो उसने अपने मोटर साइकिल में ही बच्चे के शव को ले गया। जब इसकी जानकारी मीडिया कर्मियों को लगी तो निजी वाहन उपलब्ध करा कर शव को घर भेजवाया ।

पूरा मामला इस तरह से गोकुलनगर निवासी 4 साल के बच्चे को ज़हरीले कीड़े ने काटा था। जिसको उपचार के लिए परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले कर पहुचे थे। लेकिन डॉक्टरो ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। मिस कॉल निःशुल्क  शव वाहन के लिए परिजन कई घंटो तक इंतजार करते रहे, अस्पताल के प्रबंधक और स्थानीय लोगों से एंबुलेंस दिलाने की मन्नते करते रहे, मगर किसी ने एक ना सुनी।

गोपाल कंवर मेडिकल कॉलेज अधिकारी अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि शव वाहन नहीं था दूसरे जगह गया हुआ था इसलिए उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल पाया। सरकार ने निःशुल्क एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में सफाई दे रहा है कि वाहन उपलब्ध नही होने की वजह से परेशानी हुई है, ऐसी कोई जानकारी मिलने पर मदद की जाती है।

राजकुमार शर्मा का कहना है, कि मेरे दूसरी क्लास के बच्चे को एक जहरीले कीड़े ने काट लिया था। जिसके लिए मैं अस्पताल लाया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया मैंने एंबुलेंस मांगा मगर एंबुलेंस नहीं मिला। फोन करने पर मुझे कहा गया कि यहां पर अभी शव वाहन की व्यवस्था नहीं है शव वाहन बाहर गया हुआ है। इसलिए मजबूरन मुझे मोटरसाइकिल पर ही बच्चे को ले जाना पड़ा।

 

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