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बिलासपुर में बार में विवाद करने वाले अफसर हटाए गए

बिलासपुर के भूगोल बार में विवाद करने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ सरकार ने मंगलवार को कार्रवाई की । कोटा की डीएसपी रश्मित कौर चावला को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सृष्टि चंद्राकर को कोंडागांव के बालक अपराध अन्वेषण शाखा भेज दिया गया है। महीनों पहले ही इन अफसरों का ट्रांसफर हो चुका था, मगर ये बिलासपुर जिला छोड़े बिना अपने पदों पर बने हुए थे। भूगोल बार में विवाद की खबर सामनेआते ही डीजीपी ने फौरन पूरी घटना की जांच करने को कहा और अब इन अफसरों को भी ट्रांसफर की गई जगहों पर रिलीव कर दिया गया है। भूगोल बार विवाद मामले में खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जानकारी मांगी है।

जानकारी के मुताबिक 23 जून को चकरभाठा इलाके की सीएसपी रहीं सृष्टि चंद्राकर का ट्रांसफर कोंडागांव कर दिया गया था। 4 अगस्त को रश्मित कौर चावला को भी बिलासपुर से हटाकर गौरेला जिला भेजा गया था। मगर इन दोनों ही अफसरों को एसपी ने रिलीव नहीं किया था। जब बार में पहुंचे अफसरों के साथ बाउंसर से विवाद की खबर सामने आई तो इनपर कार्रवाई करनी पड़ी। रविवार की देर रात ये सभी अफसर अपने परिजनों के साथ थाने भी पहुंचे थे।

ये है पूरा मामला

रविवार की रात बिलासपुर के रामा मैग्नोटो मॉल के भूगोल बार में एक पार्टी थी। इसमें कोतवाली सीएसपी स्नेहिल साहू, डीएसपी रश्मित, सृष्टि चंद्राकर और सहायक जेल अधीक्षक सोनाल डेविड वगैरह शामिल होने पहुंचे थे। सृष्टि सोनाल की पत्नी हैं। वे दोनों जरा देर से पहुंचे। बार के बाहर खड़े बाउंसर ने दोनों को रोक दिया। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक बाउंसर राहुल ने परिचय दिए जाने के बाद भी अफसर दंपती को अंदर जाने नहीं दिया। इसके बाद उसने हाथापाई भी की। घटना की खबर आस-पास के थानों को लगी तो मौके पर फोर्स पहुंची तब तक बाउंसर भाग चुका था और बड़ा बवाल बार मैनेजमेंट और पुलिस अफसरों के बीच हो चुका था। इस मामले में मुख्यमंत्री ने डीजीपी और डीजीपी ने बिलासपुर एसपी से रिपोर्ट मांगी है।

 

 

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