Close

12 अक्टूबर से आरंभ हो रही है अष्टमी की तिथि, कल दुर्गा महा अष्टमी की संधि पूजा का समय क्या है? जानें

नवरात्रि के पर्व में अष्टमी की तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन को दुर्गा महा अष्टमी भी कहा जाता है. इस दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है. मां दुर्गा की पूजा में नियम और अनुशासन को अधिक महत्व प्रदान किया जाता है. शुभ मुहूर्त में विधि पूर्वक पूजा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों के कष्टों को दूर कर उन्हें सुख-समृद्धि और वैभव प्रदान करती हैं. दुर्गा अष्टमी पर बनने वाले शुभ मुहूर्त कौन से हैं, आइए जानते हैं.

दुर्गा महा अष्टमी 2021 (Durga Ashtami Puja)

दुर्गा महा अष्टमी का पर्व आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी की तिथि को मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार अष्टमी की तिथि 12 अक्टूबर 2021, मंगलवार को रात 09 बजकर 49 मिनट 38 सेकंड से प्रारंभ होकर 13 अक्टूबर 2021, बुधवार को रात्रि 08 बजकर 09 मिनट और 56 सेकंड पर समाप्त होगी. मान्यता के अनुसार अष्टमी तिथि का पूजन 13 अक्टूबर 2021 को किया जाएगा. अष्टमी की तिथि पर दुर्गा उत्सव पर विशेष आयोजन और पूजा की जाती है. दुर्गा उत्सव का पर्व षष्ठी की तिथि से आरंभ होता है. कई स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल सजा कर मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन 64 योगिनियों और मां दुर्गा के आठ क्रूर रूप जिनहें अष्ट शक्ति भी कहा जाता है. इनकी पूजा की जाती है. इन देवियों को शक्ति, ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. ये सभी मां दुर्गा के अवतार हैं. इन देवियों को ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वारही, नरसिंही, इंद्राणी और चामुंडा नाम से जाना जाता है.

दुर्गा अष्टमी संधि पूजा (Durga Puja 2021 Sshtami Sandhi Puja Time) ;

दुर्गा महा अष्टमी पर संधि पूजा को महत्वपूर्ण माना गया है. पंचांग के अनुसार संधि काल वो समय होता है जब अष्टमी की तिथि समाप्त होती है और नवमी की तिथि का आरंभ होता है. यह लगभग 48 मिनट तक रहता है. इसमें ही संधि पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त : अमृत काल- प्रात: 03:23 से प्रात: 04:56 तक है और ब्रह्म मुहूर्त– प्रात: 04:48 से प्रात: 05:36 तक है.

दिन का चौघड़िया :

लाभ – प्रात: 06:26 से शाम 07:53 तक.
अमृत – प्रात: 07:53 से रात्रि 09:20 तक.
शुभ – प्रात: 10:46 से दोपहर 12:13 तक.
लाभ – प्रात: 16:32 से शाम 17:59 तक.

रात का चौघड़िया :

शुभ – रात्रि 19:32 से रात्रि 21:06 तक.
अमृत – रात्रि 21:06 से रात्रि 22:39 तक.
लाभ (काल रात्रि) – रात्रि 03:20 से रात्रि 04:53 तक.

 

 

यह भी पढ़ें- एक साथ इन चीजों का सेवन करने से कमजोर हो सकती है पाचन शक्ति, जानें

0 Comments
scroll to top