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निजात अभियान से सैकड़ों बने नशामुक्त, परिवारों में लौटी मुस्कान

कोरिया। कोरिया में ड्रग्ज, नारकोटिक्स व अवैध शराब के विरूद्ध निजात अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत एक ओर जहां नशेबाजों की धरपकड़ कार्रवाईयां हो रही है तो वहीं दूसरी ओर जनजागरूकता अभियान चलाकर नशामुक्ति की अलख जगाई जा रही है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में निजात अभियान के तहत कोरिया पुलिस के जवानों द्वारा नशामुक्त कोरिया बनाने की अपील कर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 

हो रही कार्रवाई

निजात अभियान के तहत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है, जिसके तहत अब तक नशे के अवैध कारोबार, ड्रग्ज-नारकोटिक्स से जुड़े 17 मोटर साइकिल, एक बुलेट एवं एक चार पहिया बुलेरो वाहन जब्त किया गया है। साथ ही एनडीपीएस के 130 प्रकरण में 149 लोगों को गिफ्तारी एवं आबकारी के 420 प्रकरणों में 435 लोगों को पकड़ा गया है। इन कार्रवाइयों से अवैध नशाखोरों एवं तस्करों में खौफ का माहौल है।

बालीवुड- छालीवुड के कलाकार और जनप्रतिनिधि भी अभियान से जुड़े

जुलाई 2021 में निजात अभियान शुरू हुआ था। अभियान में बालीवुड एवं छालीवुड के कई कलाकारों प्रभुदेवा, अरबाज खान, राजपाल यादव, विरेंद्र सक्सेना, सुनील ग्रोवर, कैलाश खेर, भगवान तिवारी, शाहवर अली, यश अजय सिंह, परितोष त्रिपाठी व लोक गायक दिलीप षडंगी, राकेश शर्मा, मोना सेन, सुनील तिवारी, अंचल शर्मा, अनुज शर्मा, तीजन बाई, ममता चंद्राकर, जाकिर हुसैन, गोपाल के सिंह, योगेश अग्रवाल, प्रकाश अवस्थी एवं जनप्रतिनिधी इस अभियान से जुड़े हैं। इनके द्वारा कोरिया पुलिस की सहायता करने की अपील की जा रही है। अगस्त में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, संसदीय सचिव बैकुंठपुर श्रीमती अंबिका सिंहदेव, सरगुजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष भरतपुर गुलाब कमरो एवं मनेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल की उपस्थिति में निजात अभियान की शुरूआत की गई है।

जमकर हो रहा अभियान का प्रचार-प्रसार

गांवों में ग्रामीणों द्वारा वाल पेंटिंग कर नशे से दूर रहने की समझाइश दी जा रही है। शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने समर्थन की होर्डिंग लगा रहे हैं। दीपावली एवं छठ महावर्प पर बच्चों एवं महिलाओं ने अपनी रंगोली में निजता अभियान की झलक दिखाहै है। इस अभियान के समर्थन में कोरिया जिले के विभिन्न शहरों में साइकिल एवं बाइक रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव से दूर रहकर स्वस्थ रहने की अपील की गई है। ंफेमस यू ट्यूबर 12 वर्षीय ओम अग्रहरि ने इस पर एक वीडियो सांग तैयार किया है। इस अभियान में युवाओं को आकर्षित करने वाले रैप सांग भी तैयार किया गया एवं एक डाक्यूमेंटरी शार्ट फिल्म भी तैयार की गई जिसे लांच किया जा रहा है।

सरगुजा एसपी ने किया बैकुंठपुर ओएसटी का शुभारंभ

26 अक्टूबर को पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा अजय यादव के द्वारा कोरिया में निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में ओएसटी सेंटर का शुभारंभ किया। उक्त सेंटर में निजात अभियान के तहत नशे में लिप्त लोगों की मनोचिक्त्सिक के द्वारा काउंसिलंग करा उन्हें दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। ऐसे लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास जारी है।

दसवीं में बुरी संगति में फंस गया

सोनहत जिला कोरिया के मुकेश कुमार साहू बताते हैं कि वे कक्षा दसवीं में बुरे लोगों की संगत में आ गए और शराब पीने की लत लग गई। परिजन सामान लाने के लिए पैसे देते और वें उन पैसों से शराब पी जाते। घर पर विवाद होने लगा पत्नी सहित परिजन परेशान रहने लगे। वे कहते हैं कि – एक दिन थाना प्रभारी सोनहत ने मुझे बुलाया और दो घंटे तक समझाइश देने के बाद निजात अभियान के बारे में बताया और उसमें रहकर सहयोग करने को कहा, जिससे अब मैं नशे से मुक्त हो चुका हुं।

काम के दौरान आ गई बुरी लत

सोनहत जिला कोरिया निवासी राहुल सिंह बताते हैं कि वे अपने चाचा के साथ ठेकेदारी के कार्य में हाथ बंटाया करते थे। काम की देखरेख के अलावा मजदूरों का भुगतान भी उनके द्वारा किया जाता था। लेबरों को शराब पीते देखकर वे भी शराब का सेवन करने लगे और धीरे-धीरे लत लग गई। इसके दुष्परिणामों पर उन्होंने बताया कि -एक दिन मेरी पत्नी मेरे पुत्र को लेकर मायके चली गई। मुझे इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ा औीर मैं नहीं सुधरा। धीरे-धीरे मेरा परिवार बिखरने लगा। एक दिन थाना प्रभारी सोनहत ने मुझे बुलाया और कोरिया पुलिस द्वारा चलाए जा रहे निजात अभियान के बारे में जानकारी दी। यहां के ओएसटी सेंटर से दवा लेकर मैं वर्तमान में नशे से दूर हूं।

शराब-गांजा की चपेट में आकर अलग-थलग पड़ गया था

हल्दीबाड़ी थाना चिरमरी निवासी कुलदीप चौहान 42 साल के हैं। वे शुरू से ही शराब और गांजा के आदि थे। दोस्तो ने नशीली दवा, इंजेक्शन और कफ सिरप का सेवन करना भी सिखा दिया। पत्नी-बच्चों से विवाद के साथ-साथ अब परिवार में उपेक्षित होने लगा। एक दिन भगवती मानव कल्याण संगठन शाखा के प्रमुख कमलदेव ने मुझे पुलिस अधीक्षक कोरिया संतोष कुमार सिंह से मिलवाया उन्होंने मुझे कोरिया पुलिस द्वारा चलाए जा रहे निजात अभियान की जानकारी दी। एसपी चिरमिरी पीपी सिंह एवं थाना प्रभारी चिरमिरी केके शुक्ला द्वारा थाना के संवेदना बाल मित्र कक्ष में मेरी काउंसिलिंग की। मुझे ओएसटी सेंटर जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर भेजा गया। अब मैं नशे से दूर हूं।

परेशानियां ले गईं नशे की ओर

बैकुंठपुर जिला कोरिया के रोहित गुप्ता की कहानी भी भावुक कर देती है। जब वे महज 18 वर्ष के थे तभी से परेशानियों ने उन्हें घेर लिया और वे उस वक्त नशे की ओर बढ़ जब उनके कुछ दोस्तों ने नशीली दवा के बारे में बताया। 11 साल तक गांजा का सेवन करते रहे। वे बताते हैं- मेरा एक मित्र ने जो दो साल पहले ही नशामुक्त हुआ है, मुझे ओएसटी सेंटर ले आया। एक वर्ष तक मैंने दवा ली। कुछ समय से दवा नहीं मिल पा रही थी लेकिन अब कोरिया पुलिस ने नया ओएसटी सेंटर खोला है जहां से दवा मिलने के बाद अब मैं पूरी तरह नशे से निजात पा चुका हुं।

ब्राउनशुगर बनी घर में कलह की वजह

दफाई पोड़ी जिला निवासी पेशे से ड्राइवर अम्मु कुमार करीब पांच साल शराब के आदी रहे। वे बताते हैं कि – एक दिन राहुल नाम के व्यक्ति ने उन्हें ब्राउनशुगर पिला दिया और मैं ब्राउनशुगर का नशा करने लगा। लत ऐसी कि घर में रोज विवाद होता और माता-पिता परेशान रहने लगे। एक दिन ब्राउन शुगर लेते चिरमिरी पुलिस ने पकड़ भी लिया फिर भी लत न छूटी। कुछ माह पूर्व थाना प्रभारी पोड़ी ने मुझे तथा रजिंदर को थाना बुलाया और नशे के दुष्परिणामों को समझाया। मुझे नशा न करने की कसम दिलाकर निजात अभियान में सहयोग करने कहा। मैंने भी नशा न करने का प्रण ले लिया।

सामान के पैसों से करता था नशा

पोड़ी जिला कोरिया के राजिंदर मजदूर हैं। वे कहते हैं कि छह साल पहले गलत संगती के चलते शराब पीने लगा। अपने दोस्त अम्मु कुमार के साथ ब्राउनशुगर भी लेने लगा। लत ऐसी कि घर से सामान के लिए पैसे मांगकर उन पैसों से मैं ब्राउनशुगर पी जाता, जिससे घर में विवाद होता। एक दिन थाना प्रभारी पोड़ी ने मुझे तथा मेरे साथ अम्मु कुमार को थाना बुलाया और नशे के दुष्परिणाम को समझाते निजात अभियान की जानकारी दी। अब मैं नशामुक्त हो चुका हुं और मेरा परिवार खुशहाल है। मैं और मेरा परिवार पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी पोड़ी एवं कोरिया पुलिस का आभारी है।

प्रेमिका का गम भुलाने बना नशे का आदि

जूनापारा बैकुंठपुर के रोहित पांडेय की दास्तां थोड़ी जुदा हैं उनका कहना है कि – जब मैं 18 साल का हुआ तब एक युवती से मुझे प्रेम हो गया, और एक दिन वो मुझसे दूर हो गई। गम भुलाने के लिए मैंने नशे का सहारा लिया। गांजा और इंजेक्शन की लत ऐसी की सारी कमाई और घर के कीमती सामान बेच दिए। घर की हालत खराब होने लगी। मेरे एक मित्र ने मुझे ओएसटी सेंटर के बारे में बताया। फिलहाल मैं निजात अभियान के तहत जिला चिकित्सालय बैंकुंठपुर के ओएसटी सेंटर से दवा ले रहा हूं और नशे से दूर हूं।

 

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