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होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचा कच्चे तेल और एलपीजी का बड़ा खेप, गुजरात बंदरगाहों पर राहत

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से तेल और एलपीजी लेकर गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच रहे हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

मंगलवार को एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ 46,500 मीट्रिक टन गैस लेकर वाडीनार पोर्ट पहुंचा। यहां एंकरिज क्षेत्र में शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत एलपीजी को दूसरे जहाज MT BW Birch में स्थानांतरित किया जाएगा। यह प्रक्रिया देशभर में गैस आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

इसी बीच, एक अन्य जहाज 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भी गुजरात पहुंचा है, जिससे रिफाइनरियों को कच्चे माल की आपूर्ति में राहत मिली है।

स्थिति की निगरानी के लिए दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने खुद जहाज पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ट्रांसफर प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

सरकार ने भी प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने और कार्गो संचालन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एंकरिज, बर्थ और स्टोरेज शुल्क में रियायत दी जा रही है। साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देशों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य रिफाइनरियों ने अतिरिक्त रेल रेक्स की मांग की है, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों में गैस की आपूर्ति तेजी से पहुंचाई जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल, भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।