अधिवक्ता संघ चुनाव में नामांकन फीस बढ़ाने का छाया मिश्रा ने किया विरोध

पटना। पटना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ की उपाध्यक्ष श्रीमती छाया मिश्रा ने बुधवार को संघ के चुनाव पदाधिकारी द्वारा 17 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की फीस बढ़ाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया।
श्रीमती छाया मिश्रा ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि अध्यक्ष पद के लिए नामांकन शुल्क 25,000 रुपये तथा उपाध्यक्ष पद के लिए 20,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि वर्तमान में यह मात्र 1,000 रुपये है।
उन्होंने कहा कि यह भारी वृद्धि वास्तविक, गंभीर तथा आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को चुनाव लड़ने से रोकने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है। लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन शुल्क 20,000 रुपये होता है, क्योंकि उसमें निर्वाचन आयोग का व्यय, सुरक्षा व्यवस्था आदि शामिल होती है। जबकि यहाँ मतदाताओं की संख्या बहुत कम है और केवल एक मतदान केंद्र की व्यवस्था होती है। ऐसे में शुल्क वृद्धि मनमानी और अत्यधिक है।
उन्होंने चुनाव पदाधिकारी से इस निर्णय को वापस लेने तथा इसे 2023 के स्तर पर बहाल करने का अनुरोध किया, ताकि चुनाव में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सभी प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सके।
अधिवक्ता संघ वकीलों का सबसे सशक्त और प्राचीन संगठन है, जिसके लगभग 20,000 सदस्य हैं। इसके सदस्यों में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद सहित पटना उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश शामिल रहे हैं।





