फूल और संगीत जीवन में शांति और आनंद देते हैं- राज्यपाल डेका
० गांधी उद्यान में राज्य स्तरीय फल-फूल प्रदर्शनी का शुभारंभ
रायपुर।राज्यपाल रमेन डेका आज गांधी उद्यान में आयोजित राज्य स्तरीय फल-फूल प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फूल और संगीत दोनों ही जीवन में शांति और आनंद लाते हैं। जैसे संगीत मन को सुकून देता है, वैसे ही फूल भी हमें शांति और अद्भुत आनंद प्रदान करते हैं।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि फूलों का व्यापार आज एक बड़ा उद्योग बन चुका है। उन्होंने ताइवान का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां फूलों का कारोबार अत्यंत विकसित है। छत्तीसगढ़ में भी उद्यानिकी की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही दिशा और प्रोत्साहन से आगे बढ़ाया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती से मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) होता है। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक खेती पारंपरिक रूप से होती रही है, जिसमें गोबर ,गोमूत्र आदि से खाद तैयार की जाती है। उन्होंने चिंता जताई कि अधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से खेती की जमीन खराब हो रही है और इसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसलिए ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि फार्मिंग में उत्साहजनक परिणाम मिलते हैं, लेकिन नई पीढ़ी का खेती के प्रति आकर्षण कम हो रहा है। युवाओं को इस ओर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि फार्मिंग में उन्नति की बहुत संभावनाएं हैं। लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती से प्राप्त खाद्य पदार्थों से अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वस्थ रहने के लिए भोजन का सही होना जरूरी है। उन्होंने प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इसका स्पष्ट वर्णन मिलता है ।बीमारियों की जड़ हमारी भोजन आदतों में छिपी होती है।
राज्यपाल श्री डेका ने मधुमक्खी पालन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला और इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही वैल्यू एडिशन और खाद की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कार्यक्रम में प्रकृति की ओर सोसाइटी संस्था के अध्यक्ष मोहन वल्यानी ने स्वागत भाषण दिया और आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रदर्शनी आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगो को राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, नाबार्ड के अधिकारी श्री ज्ञानेंद्र मणि, महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति डॉ. रवि आर. सक्सेना, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, समिति के पदाधिकारी, किसान, प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।





