छत्तीसगढ़ में ज्वैलरी दुकानों में मुंह ढकने पर ‘नो एंट्री : लूट की घटनाओं के बाद लिया गया सख्त फैसला
० बुर्का नकाब और हेलमेट पहनकर प्रवेश पर लगा प्रतिबंध
० छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने बुर्का, नाकाब के साथ दुकान में आने वालों की एंट्री बैन की
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब किसी भी सोने-चांदी की दुकान में बुर्का , नकाब या घूंघट ओढ़कर जाने वालों को एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी दुकान में एंट्री नहीं दी जाएगी।
क्यों लिया फैसला
बैठक में एसोसिएशन ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से सोने-चांदी के कीमतों में वृद्धि हो रही है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले समय में चोरी और लूट की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छिपाकर आने वालों को दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखती है लेकिन चेहरा छिपाकर रखने के कारण पहचान नहीं हो पाती है।
दुकानों में निर्णय का पालन होगा
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा। हमारी प्राथमिकता सुरक्षा है। यह फैसला किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि चोरी रोकने के लिए आवश्यक कदम है। दुकानदारों को अब ग्राहकों से चेहरा दिखाने का अनुरोध करना होगा। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। सभी सदस्य दुकानों को निर्देश जारी किए कि वे दुकान के बाहर बोर्ड लगाएं। जिसमें बुर्का या नकाब में प्रवेश निषेध का उल्लेख हो।यदि कोई ग्राहक इसका पालन नहीं करता, तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा।





