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समझ के साथ व्यक्ति को आगे ले जाने वाली शिक्षा की आवश्यकता – प्रभात मिश्रा

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० बसंत पंचमी पर सरस्वती जी का पूजन, निराला जी एवं सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर पुण्य स्मरण
रायपुर. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में आज बसंत पंचमी पर विद्या की देवी मां सरस्वती जी का पूजन श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर महाकवि पं. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस जी का उनकी जयंती पर पुण्य स्मरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार प्रभात मिश्रा थे।

अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि प्रभात मिश्रा ने मां सरस्वती जी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देती है। इसलिए ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो समझ के साथ व्यक्ति को आगे ले जाए। जो समाज को समन्वयऔर समाधान की ओर ले जाए। हम सभी का संबंध विद्या से है। शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध पुस्तकों से रहता है। बसंत ऋतु को हम ऋतुराज कहते हैं। आज से रातें छोटी और दिन लंबे होने लगते हैं। नए समय के साथ हम प्रगति की ओर बढ़ते हैं।

श्री मिश्रा ने कहा कि आज पं. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की जयंती है। निराला जी मां सरस्वती के बड़े उपासक थे। शिक्षा से उनका बड़ा लगाव था। आजादी की लड़ाई के समय निराला जी अपनी कलम से नई ऊर्जा भर रहे थे। अंग्रेजों को सत्ता से हटाने के लिए उन्होंने कई कविताएं और लेख लिखे। श्री मिश्रा ने निराला जी की सरस्वती वंदना, राम की शक्ति पूजा, जूही की कली जैसी रचनाओं के प्रमुख अंशों का पाठ कर उनका भावार्थ बताया। साथ ही सभी को निराला जी के साहित्य को पढ़ने और समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव सौरभ शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती पूजन, निराला जी की जयंती और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती की त्रिवेणी में हम अभिसिंचित हो रहे हैं। उन्होंने पराक्रम दिवस पर कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस देशभक्त, कुशल नेतृत्व और संगठनकर्ता थे।

विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रानिक मीडिया विभाग के अध्यक्ष डा. नृपेन्द्र कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में शब्द और वाणी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सद्बुद्धि से ही अच्छे कार्य संपन्न होते हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन कर रहे पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष पंकज नयन पाण्डेय ने कहा कि हम अपने जीवन में ज्ञान और विद्या के महत्व को समझने का प्रयास करें। सरस्वती माता की पूजा कर उनसे ज्ञान, विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।