#प्रदेश

Big News : छत्तीसगढ़ की समाजसेविका बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों की सेवा कर बनीं ‘बड़ी दीदी’, अब मिलेगा पद्मश्री, जानें बुधरी ताती के बारे में

Advertisement Carousel

रायपुर। साल 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा में छत्तीसगढ़ की बुधरी ताती का भी नाम शामिल है। छत्तीसगढ़ की समाजसेविका बुधरी ताती का नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. भारत सरकार ने उन्हें समाज कार्य के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान से नवाजने का फैसला किया है. नक्सल प्रभावित और पिछड़े इलाकों में रहकर उन्होंने दशकों से महिलाओं, बच्चियों और बुजुर्गों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी समाजसेवा की मिसाल कायम करने वाली बुधरी ताती आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में.

नक्सल प्रभावित इलाके में बनी मिसाल
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के हीरानार गांव की रहने वाली बुधरी ताती का जीवन संघर्ष और सेवा से भरा रहा है. दक्षिण बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाके में रहते हुए उन्होंने समाजसेवा का काम किया. ऐसे क्षेत्र जहां विकास और एजुकेशन की पहुंच बेहद सीमित रही है, वहां बुधरी ताती ने उम्मीद की रोशनी दिखाई. बीते करीब 36 से 40 वर्षों से वह लगातार समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम कर रही हैं.

महिलाओं और बच्चियों के उत्थान पर फोकस
बुधरी ताती का मुख्य फोकस महिलाओं और बच्चियों के उत्थान पर रहा है. सिलाई की ट्रेनिंग के जरिए उन्होंने महिलाओं को रोजगार से जोड़ा, ताकि वो अपने पैरों पर खड़ी हो सकें. अब तक वह 500 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं, जो आज अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं.

महिलाओं के साथ-साथ बुधरी ताती ने शिक्षा से दूर बच्चों के लिए भी काम किया. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, वहां उन्होंने शिक्षा का महत्व समझाया और बच्चियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. इसके अलावा वह वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों की सहायता भी करती रही हैं.

बस्तर इलाके में उन्हें प्यार से बड़ी दीदी कहा जाता है. उनके योगदान को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही उन्हें सम्मानित कर चुकी है. अब पद्म श्री सम्मान के साथ उनके सामाजिक कार्यों को नेशनल लेवल पर पहचान मिली है. बुधरी ताती का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची लगन और सेवा भाव से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.