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अजित पवार के बाद कौन संभालेगा एनसीपी को, पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में पैदा हो गया है शून्य

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मुंबई। बारामती के पास हुए प्लेन क्रैश में उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है. ये हादसा ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में दो गुटों के बीच एकीकरण की चर्चाएं चल रही थीं। कुल मिलाकर शरद पवार के कमजोर होने के बाद फिलहाल अजित पवार ही महाराष्ट्र में एनसीपी के चेहरा बनकर उभर चुके थे। ये बात उन्होंने् महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में साबित भी कर दिया,लेकिन अब वही सवाल है कि कौन पार्टी की कमान संभालेगा।क्या ये पार्टी वापस शरद पवार की ओर लौटेगी।

अजित पवार को ‘दादा’ कहा जाता था, जो उनकी मजबूत छवि को दर्शाता है। वे एक मास लीडर थे, जो राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं मानते थे। अजित ने एनसीपी को ग्रामीण महाराष्ट्र, खासकर पश्चिमी महाराष्ट्र में मजबूत बनाया।जब एनसीपी में दोफाड़ हुई तो उन्होंने ज्यादातर विधायकों को अपने साथ कर लिया, जिससे उनका गुट सत्ता में आया। महायुति गठबंधन में वे महत्वपूर्ण थे। एनडीए के लिए एक मजबूत सहयोगी. बारामती उनका गढ़ था, जहां से वे कई बार विधायक बने।
उनकी मृत्यु ने खुद उनकी पार्टी को इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां ये सवाल होगा कि ये पार्टी अब किधर जाएगी। कौन अब इसकी बागडोर संभालेगा। पिछले कुछ समय से एनसीपी के दोनों धड़ों की जो एकीकरण की चर्चाएं चल रही थीं, वो अब कैसे सिरे चढेंगी। उनकी मौत ने उनके गुट को भी असमंजस में डाल दिया है, क्योंकि वे ही गुट के मुख्य चेहरा थे।