कुंभ कल्प मेला के आठवें दिन राजिम कुंभ कल्प में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़, मेले की बढ़ी रौनक
राजिम। राजिम कुंभ कल्प मेला की रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। माघ पूर्णिमा 1 फरवरी से प्रारंभ हुए राजिम कुंभ कल्प मेला के आठवें दिन रविवार को त्रिवेणी संगम एवं नवीन मेला मैदान में श्रद्धालुओं और मेलार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण अन्य दिनों की तुलना में भीड़ कहीं अधिक रही, जिसकी झलक शनिवार से ही देखने को मिली।
देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर भगवान श्रीराजीवलोचन एवं पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन किए। इस दौरान संगम तट से लेकर मेला क्षेत्र तक श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कुंभ कल्प मेला क्षेत्र में त्रिवेणी संगम स्नान, मंदिर दर्शन, लक्ष्मण झूला, मीना बाजार, सांस्कृतिक मंच, मुख्य महोत्सव मंच, संभागीय सरस मेला, चारधाम यात्रा, राम वनगमन पथ, शासकीय स्टॉल, साधु-संतों की कुटिया, यज्ञशाला एवं भोग-भंडारा श्रद्धालुओं के प्रमुख आकर्षण बने रहे। दिनभर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में घूमते नजर आए और जमकर खरीदीदारी भी की।
शासकीय योजनाओं की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
राजिम कुंभ कल्प मेला तीन जिलों की सीमा क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। लोमस ऋषि आश्रम के समीप कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर क्षेत्र में धमतरी जिला प्रशासन द्वारा शासकीय स्टॉल लगाए गए हैं, जहां राज्य शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है। इसी तरह रायपुर एवं गरियाबंद जिलों द्वारा भी विभिन्न विभागीय प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पूरे मेला क्षेत्र में एक हजार से अधिक पुलिस बल तैनात किए गए हैं। त्रिवेणी संगम से लेकर नवीन मेला मैदान चौबेबंधा राजिम तक फैले मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर परिसर में भी सीसीटीवी की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है।
तीन मंचों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम
राजिम कुंभ कल्प मेला में इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तीन अलग-अलग मंच बनाए गए हैं। मुख्य मंच पर देश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं, वहीं नवीन मेला क्षेत्र के स्थानीय मंच और पुराने महोत्सव स्थल नदी मंच पर प्रदेश के कलाकार छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकगीत, लोकसंगीत और लोकनृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। कलाकारों को मिल रहे उत्साहपूर्ण प्रतिसाद से मेला परिसर उल्लास से सराबोर नजर आ रहा है।
महानदी की महाआरती से सजा संगम तट
त्रिवेणी संगम में प्रतिदिन भव्य महानदी महाआरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसे गंगा आरती के नाम से भी जाना जाता है। साध्वी प्रज्ञा दीदी के मुखारविंद से प्रतिदिन शाम 7 बजे महाआरती संपन्न हो रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं, जिससे मेला क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक प्रबल हो गया है।
मीना बाजार और सरस मेला में रही भारी भीड़
नवीन मेला मैदान में इस बार दो स्पेशल मीना बाजार लगाए गए हैं, जो मेलार्थियों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। लगभग 8 एकड़ में फैले मीना बाजारों में आकर्षक झूले, क्राफ्ट बाजार, मौत का कुआं, जलपरी शो, जंगल के जानवरों की प्रदर्शनी एवं वैष्णोदेवी झांकी लोगों को खासा लुभा रही है।
वहीं आजीविका मिशन के तहत आयोजित संभागीय सरस मेला में बिहान समूह की दीदियों द्वारा शुद्ध एवं ताजा सामग्री का विक्रय किया जा रहा है। जिले के महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। बिहान दीदियों का कहना है कि यह योजना उनके लिए वरदान साबित हो रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।





