सरकार ने इस वर्ष 7 लाख किसानो का 7130 करोड़ का धान नहीं खरीदा – दीपक बैज
रायपुर। भाजपा सरकार के कारण प्रदेश के लाखो किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस वर्ष प्रदेश के 7.5 लाख से अधिक किसानों का 7130 करोड़ रू. का लगभग 23 लाख टन धान नहीं खरीदा। सरकार ने 2.5 लाख पंजीकृत किसानों से उनका धान नहीं खरीदा। साथ ही एग्रीस्टेक पोर्टल की परेशानियों तथा रकबा सरेंडर के कारण 5 लाख से अधिक किसान अपना धान नहीं बेच पाये। सरकार ने पहले दिन से ही कम से कम किसानों से धान खरीदने भी रणनीति पर काम किया और अपने षडयंत्र में वह सफल भी साबित हुई। जिसके कारण अन्नदाता अपने फसल की पूरी कीमत पाने से वंचित हो गये है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण किसान परेशान हो गये है। फसल के लिये लिया गया ऋण भी वह अदा कर पाने की स्थिति में नहीं है ही। अधिकांश किसानों वर्ष भर का खर्चा भी धान की फसल से ही चलता है। सरकार ने उनका धान नहीं खरीद कर आर्थिक परेशानी में लाकर खड़ा कर दिया है। प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ कि धान नहीं बिकने तथा टोकन नहीं कटने की परेशानी के कारण एक दर्जन किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया तथा दो किसानों ने आत्महत्या भी कर लिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की तरफ से कम खरीदी के लिये जश्न मनाया गया। अपने कर्मचारियो को जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से जिलेवार हुई धान खरीदी के आंकड़े जारी किये गये, जिसमें किस जिले में कितनी खरीदी हुई। पिछले साल से कितने प्रतिशत कमी हुई इसका ब्योरा है। सरकार ने अपने आंकड़े में माना है कि प्रदेश के अधिकांश जिलो में पिछले साल के मुकाबले कम खरीदी हुई इसके लिये खाद विभाग, राजस्व विभाग, सहकारिता विभाग नान एवं जिला तथा ब्लाक के अधिकारियो को एसएमएस के जरिये बधाई दिया गया है। यदि लक्ष्य से कम खरीदी हुई है तो किस बात की बधाई। बधाई दे रहे मतलब साफ है आपका ईरादा कम खरीदी का था, आप उसमें कामयाब हुये। लक्ष्य से कम के लिये फटकार लगानी थी, नहीं लगाये क्यो? मतलब कम खरीदी ही आपका लक्ष्य था।




