राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर निकलेगी नागा साधुओं, विभिन्न अखाड़ों की भव्य शोभायात्रा, शाही स्नान पर त्रिवेणी संगम पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
राजिम। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य समापन होगा। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे संत, महंत, महामंडलेश्वर, नागा साधु एवं दंडी संत पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर प्रातः 7 बजे से शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा नवापारा और राजिम शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए त्रिवेणी संगम पहुंचेगी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच नागा साधु अपने पारंपरिक शौर्य करतब प्रस्तुत करेंगे। रथ, घोड़े और पैदल चल रहे संतों की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
महाशिवरात्रि स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार दोपहर से ही देखने को मिली। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शनिवार को मीना बाजार, भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर नाथ मंदिर, नदी क्षेत्र में देखने को मिली। मेले के 14वें दिन अलग ही रौनक देखने को मिली।
नागा साधुओं की पहली डुबकी
शाही स्नान के लिए नदी क्षेत्र में विशेष कुंड तैयार किए गए हैं। इन कुंडों में एक ओर से स्वच्छ जल का आगमन और दूसरी ओर से निर्गमन की व्यवस्था की गई है, जिससे जल की निरंतर स्वच्छता बनी रहे। सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा।
जानकारी के अनुसार शाही स्नान में सर्वप्रथम नागा साधु डुबकी लगाएंगे, इसके बाद अन्य संत-महंत स्नान करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। संतों द्वारा स्नान के समय प्रसाद स्वरूप पुष्पों की वर्षा की जाएगी, जिन्हें प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। शाही स्नान का दृश्य देखने के लिए ही हजारों श्रद्धालु संगम तट पर एकत्र होते हैं।
संगम घाट पर स्वच्छता और व्यवस्थाएं
त्रिवेणी संगम स्नान घाट की स्वच्छता विशेष रूप से बनाए रखी गई है। घाट पर रेत की बोरियां डालकर सुरक्षित नीचे उतरने की व्यवस्था की गई है। त्रिवेणी संगम के अलग-अलग घाट में हजारों श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकेंगे। स्नान उपरांत दीपदान एवं रेत से शिवलिंग निर्माण कर पूजन-अर्चन की परंपरा निभाई जाएगी। श्रद्धालु धतूरा, बिल्वपत्र, दूध, दही, घी, शक्कर, सुगंधित तेल, शमी पत्र, केसरिया एवं कनेर अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे।
कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार
महाशिवरात्रि पर कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रातः 3 बजे से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। पट खुलते ही पूजन-अभिषेक और भोग अर्पण किया जाएगा, जिसके पश्चात दर्शन के लिए मंदिर खुला रहेगा। मंदिर परिसर में सुगम दर्शन हेतु बैरिकेडिंग की गई है। गर्भगृह में विराजमान शिवलिंग एवं वेदी पर स्थापित माता पार्वती की विधिवत पूजा की जाएगी। मंदिर के चारों ओर चबूतरे पर भी श्रद्धालु अपनी आस्था समर्पित करते हैं।





