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अनुराग शर्मा नाइट्स की जादुई आवाज से झूम उठा राजिम कुंभ कल्प, मुख्यमंच पर उमड़ा जनसैलाब

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० राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी मिलाए सुर
राजिम। राजिम कुंभ कल्प के 14वें दिन मुख्य मंच पर सुरों का ऐसा जादू बिखरा कि पूरा मेला परिसर संगीत की लहरियों में डूब गया। विशेष आकर्षण रहे मेगा स्टार गायक अनुराग शर्मा के नाम की मंच से जैसे ही घोषणा हुई, दर्शक दीर्घा में बैठी भीड़ ने पूरे उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अनुराग शर्मा ने “देवा श्री गणेशा” से की, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद “कोरी-कोरी नारियल चढ़ाव दाई तोला वो” और “तोर मंदिर म दाई चुनरी चढ़ाव” जैसे छत्तीसगढ़ी गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। “गीत कोनो गाहू गोरी तोर नाव के”, “चंदा रे चंदा”, “तुम तो ठहरे परदेशी”, “धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना” और “छुनुर-छुनुर पैरी बाजे” जैसे गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और मोबाइल फ्लैश की रोशनी से माहौल जगमगा उठा।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा और राजिम विधायक का मुख्य मंच पर आगमन हुआ। मंत्री टंकराम वर्मा ने भी “महानदी के पानी हव, छत्तीसगढ़ के माटी हव” गीत गाकर सुर से सुर मिलाए। मंत्री की प्रस्तुति पर दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठा।
इससे पूर्व संतोष सिन्हा ने “हर-हर भोला” और “चलो माता का बुलावा आया है” जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाया। यशोमती सेन बोरिद ने पंडवानी शैली में परीक्षित को श्राप की कथा का सजीव वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं लोककला मंच के राजेन्द्र साहू ने “मोर बम लहरी” और “संगी मोर” जैसे गीतों से समां बांध दिया।कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया। आयोजन का सफल संचालन निरंजन साहू, पतंजल मिश्रा और दुर्गेश तिवारी ने किया।