आज का पंचांग 16 फरवरी : आज फाल्गुन मास चतुर्दशी तिथि , जानें पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
16 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, बुधदेव, शुक्रदेव और राहु का एक साथ होना आपकी बौद्धिक जिज्ञासा और कुछ नया सीखने की क्षमता को बढ़ाने की अच्छी संभावना दिखा रहा है। चंद्रदेव आज मकर राशि के श्रवण नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं और मकर राशि में स्थित उच्चस्थ मंगलदेव लक्ष्यों को पाने के लिए आपकी मदद करेंगे। क्योंकि श्रवण नक्षत्र के अधिपति भगवान विष्णु हैं इसलिए उनकी आराधना करना आपके लिए विशेष फलदायी हो सकता है।
आज वरियान योग बन रहा है, जो आपके किए गए कार्यों में सफलता और शुभ फल देने के संकेत दे रहा है। अपने जरूरी कार्यों को सकारात्मक रूप से करने के लिए दोपहर 12:13 से 12:58 तक के अभिजीत मुहूर्त का लाभ जरूर उठाएं। सुबह 08:23 से 09:47 तक राहुकाल रहेगा, इस समय थोड़ा सतर्क रहें और किसी भी वाद-विवाद से बचें।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: कृष्ण चतुर्दशी – सायं 05:34 बजे तक
योग: वरियान – रात्रि 01:50 बजे तक (17 फरवरी)
करण: शकुनि – सायं 05:34 बजे तक
करण: चतुष्पद – प्रातः 05:36 बजे तक (17 फरवरी)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:59 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:12 बजे
चंद्रोदय का समय: प्रातः 06:50 बजे (17 फरवरी)
चंद्रास्त का समय: सायं 05:09 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 09:58 बजे से 11:38 बजे तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 08:23 बजे से 09:47 बजे तक
गुलिकाल: दोपहर 01:59 बजे से 03:24 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 11:11 बजे से 12:35 बजे तक
समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: मकर राशि में स्थित हैं।
मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं।
बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।
शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।
राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।
केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव श्रवण नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
श्रवण नक्षत्र: सायं 08:47 बजे तक
सामान्य विशेषताएं: सीखने की क्षमता, बुद्धिमान, सहयोगी, ज्ञानी, सुनने में निपुण, आत्मविश्वास की कमी, जिज्ञासु, अत्यधिक सतर्क
नक्षत्र स्वामी: चंद्र देव
राशि स्वामी: शनि देव
देवता: भगवान विष्णु
प्रतीक: कान





