आज का पंचांग 20 फरवरी : आज फाल्गुन शुक्ल तृतीया तिथि, जानें राहुकाल का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त
20 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल तृतीया तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, बुधदेव, शुक्रदेव और राहु का संयोग आपको विचारों को गहराई देगा और कुछ नया सीखने की क्षमता को आगे बढ़ाएगा। चंद्रदेव आज मीन राशि के उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपके स्वभाव में शांति, दया और आध्यात्म का संचार होगा। मकर राशि में स्थित उच्च के मंगलदेव आपके भीतर लक्ष्यों के प्रति अटूट जोश और ऊर्जा बनाए रखेंगे।
आज साध्य योग बन रहा है, जो कठिन कार्यों में सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत अनुकूल है। कार्यों के सही संचालन के लिए दोपहर 12:12 से 12:58 तक के अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठाएं। सुबह 11:10 से दोपहर 12:35 तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को टालना और संयम बनाए रखना बेहतर रहेगा।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: शुक्ल तृतीया – दोपहर 02:38 बजे तक
योग: साध्य – सायं 06:23 बजे तक
करण: गरज – दोपहर 02:38 बजे तक
करण: वणिज – रात्रि 01:51 बजे तक (21 फरवरी)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:55 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:15 बजे
चंद्रोदय का समय: प्रातः 08:24 बजे
चंद्रास्त का समय: सायं 09:12 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:28 बजे से सायं 05:01 बजे तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 11:10 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 08:20 बजे से प्रातः 09:45 बजे तक
यमगण्ड: सायं 03:25 बजे से सायं 04:50 बजे तक
समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: मीन राशि में स्थित हैं।
मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं।
बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।
शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।
राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।
केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
उत्तरभाद्रपद नक्षत्र: सायं 08:07 बजे तक
नक्षत्र स्वामी: शनिदेव
राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव
देवता: अहिर्बुध्न्य (गहरे जल के नाग देवता)
प्रतीक: शवपेटिका या अर्थी (मृत्यु के पश्चात प्रयुक्त होने वाला वाहन)
सामान्य विशेषताएं: शांत, एकांतप्रिय, सहायक, स्वतंत्र, कला-प्रेमी, तर्कशील, दयालु, प्रकृति-प्रेमी, आध्यात्मिक, रहस्यमयी, कर्मठ





