तेलंगाना के जंगलों में माओवादी शीर्ष नेतृत्व का आत्मसमर्पण, संगठन पर बड़ा असर
हैदराबाद । माओवादी संगठन के महासचिव Tipiri Tirupati उर्फ ‘देवजी’ ने 22 जनवरी को तेलंगाना के जंगलों में आत्मसमर्पण किया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने पुलिस और स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) के समक्ष हथियार डाले।
बताया जा रहा है कि मई 2025 में Nambala Keshava Rao (बसवा राजू) की मृत्यु के बाद देवजी को संगठन का महासचिव बनाया गया था। उन पर तेलंगाना में 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
अन्य नेताओं ने भी किया सरेंडर
रिपोर्टों के अनुसार, पोलित ब्यूरो सदस्य
Malla Rajireddy (संग्राम)
Narasimha Reddy (गंगन्ना)
सहित लगभग 16 से 20 अन्य वरिष्ठ माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया।
यह कार्रवाई Telangana के मुलुगु या आसिफाबाद जिले के जंगलों में हुई बताई जा रही है।
ऑपरेशन कगार के तहत बड़ी सफलता
केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कगार’ का उद्देश्य मार्च 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करना है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व का आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम से माओवादी संगठन की रणनीतिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।





