CMO सस्पेंड : इस नगरपालिका परिषद के सीएमओ निलंबित, विभागीय कार्रवाई से मचा हड़कंप
मुंगेली। नगरीय निकायों में व्यवस्था सुधारने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार सख्ती बरत रही है। मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की निगरानी में निकायों में राजस्व बढ़ाने और प्रशासनिक सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को दी जा रही राहत और छूट से अलग सभी प्रकार के करों का निर्धारण और वसूली गंभीरता से की जाए।
नए कर निर्धारण में लापरवाही पर कार्रवाई
ताजा मामला मुंगेली जिले के पंडरिया नगरपालिका परिषद का है। नगरीय प्रशासन विभाग ने यहां पदस्थ मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, विभाग की ओर से लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद सीएमओ अपने क्षेत्र में संपत्तियों का नया कर निर्धारण करने में असफल रहे।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कर निर्धारण में हो रही देरी से राजस्व प्रभावित हो रहा था, जिसे गंभीर लापरवाही मानते हुए यह कार्रवाई की गई। सरकार की इस सख्त कार्रवाई के बाद अन्य नगरीय निकायों के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है और वे अपने कार्यों को लेकर सतर्क हो गए हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग का कहना है कि शासन के निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





