छत्तीसगढ़ विधानसभा में गरमाया गिग वर्कर्स का मुद्दा,मंत्री ने दी चौंकाने वाली जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन गिग वर्कर्स का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने Swiggy, Zomato, Blinkit और Rapido से जुड़े कर्मियों की स्थिति पर सवाल खड़े किए।
गिग वर्कर्स पर उठे गंभीर सवाल
विधायक ने राज्य में पंजीकृत इन कंपनियों और उनके गिग वर्कर्स के बारे में जानकारी मांगी और पूछा कि क्या श्रम विभाग के पास उनके संबंध में कोई आधिकारिक डेटा मौजूद है। इस पर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब दिया कि स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियां राज्य में पंजीकृत नहीं हैं। साथ ही, गिग वर्कर्स के संबंध में विभाग के पास कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मंत्री के जवाब से सदन में हलचल
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन प्लेटफॉर्म कंपनियों द्वारा गिग वर्कर्स की भर्ती प्रक्रिया, योग्यता, वेतन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के पास कोई औपचारिक आंकड़े नहीं हैं। सदन में गिग इकॉनॉमी से जुड़े श्रमिकों के अधिकार, पंजीकरण और श्रम सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।
इस घटना के बाद गिग वर्कर्स के अधिकारों और उनके सामाजिक सुरक्षा ढांचे को लेकर विधानसभा में गंभीर बहस शुरू हो गई।




