MSC बैंक घोटाला: अजित-पवार और सुनेत्रा पवार को बड़ी राहत, 25,000 करोड़ के घोटाले में क्लीन चिट
मुंबई। मुंबई की विशेष अदालत ने महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (एमएससीबी) के 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को क्लीन चिट दे दी है।
अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दी है और कहा है कि इस मामले में कोई भी सजा योग्य अपराध साबित नहीं हुआ।
इस फैसले से अजित-पवार और सुनेत्रा पवार के अलावा 70 से अधिक अन्य लोगों को भी क्लीन चिट मिली है। अदालत ने अन्ना हजारे और अन्य द्वारा दायर विरोध याचिकाओं के साथ-साथ ईडी की हस्तक्षेप याचिका को भी खारिज कर दिया।
ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि सहकारी चीनी कारखानों से जुड़े ऋण और वसूली में कोई आपराधिक अनियमितता नहीं पाई गई। रिपोर्ट में तीन प्रमुख लेन-देन की जांच की गई और यह निष्कर्ष निकाला गया कि अजित पवार, सुनेत्रा पवार और उनके परिवार या संबद्ध संस्थाओं के लेन-देन में कोई अपराध नहीं हुआ।
2019 में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मामला सामने आया था। आरोप था कि बैंकों ने चीनी कारखानों को ब्याज मुक्त ऋण दिए और बाद में कारखानों की संपत्तियों को बेहद कम कीमत पर बेच दिया। लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया कि बैंक को कोई नुकसान नहीं हुआ और 1343 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली भी की गई।
इस फैसले के साथ अजित-पवार और सुनेत्रा पवार को अब इस लंबी जांच में बड़ी राहत मिल गई है।”




