Breaking : छत्तीसगढ़ में PMGSY के मुख्य अभियंता के.के. कटारे का जाति प्रमाण पत्र निरस्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। राज्य की उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के मुख्य अभियंता के.के. कटारे को छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति का संवैधानिक आरक्षण पाने के लिए अयोग्य पाया है।
समिति के आदेश के अनुसार, कटारे का मूल निवास महाराष्ट्र राज्य में होने के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ में एसटी आरक्षण का लाभ लेने का अधिकार नहीं है। समिति ने इस आधार पर उनके जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने का निर्णय लिया। यह आदेश 26 फरवरी 2026 को जारी किया गया।
शिकायत और जांच
इस मामले में शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति को शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कटारे ने दूसरे राज्य से संबंधित होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति का लाभ लिया।
इसके अलावा जनपद पंचायत डोंगरगांव (जिला राजनांदगांव) के उपाध्यक्ष वीरेंद्र बोरकर ने भी संबंधित पत्र समिति को सौंपा। राज्य सरकार के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग और कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने भी पत्राचार के माध्यम से समिति को सूचित किया।
जांच में पता चला कि कटारे के पिता अविभाजित मध्यप्रदेश में 1962 से 1993 तक सरकारी सेवा में कार्यरत थे। उनके पिता के कोषालय पेंशन दस्तावेजों में ग्राम एवं पोस्ट तुमसर, जिला भंडारा (महाराष्ट्र) का पता दर्ज था। समिति ने पाया कि कटारे ने यह प्रमाण नहीं दिया कि उनके पूर्वज 10 अगस्त 1950 से पहले मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ क्षेत्र के मूल निवासी थे।
के.के. कटारे का पक्ष
सुनवाई के दौरान के.के. कटारे ने स्वीकार किया कि उनका मूल निवास तुमसर, जिला भंडारा (महाराष्ट्र) है। उन्होंने बताया कि उनके पिता 1953 से बालाघाट (मध्यप्रदेश) में नौकरी कर रहे थे, जिसके आधार पर 1978 में तहसील वारासिवनी, जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) से उन्हें जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया। वर्तमान में मध्यप्रदेश में उनकी जाति जांच लंबित है।







