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भारत सरकार की RAMP योजना के अंतर्गत दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन

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भिलाई। भारत सरकार की RAMP योजना के अंतर्गत 10 मार्च 2026 को एचआरडी सेंटर, भिलाई स्टील प्लांट, भिलाई में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम CSIDC, PHDCCI छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर, भिलाई स्टील प्लांट तथा BSP एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य MSME इकाइयों और बड़े उद्योगों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना था।

भारत सरकार की RAMP योजना के अंतर्गत दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम के प्रारंभ में रतन दास गुप्ता, सदस्य, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर ने मुख्य अतिथि राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम वेंडर्स और बड़े उद्योगों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सहायक होते हैं, जिससे MSME इकाइयों को उद्योगों की आवश्यकताओं को समझने और नए व्यावसायिक अवसरों की खोज करने का अवसर मिलता है।

के. सी. मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक (मटेरियल्स मैनेजमेंट), भिलाई स्टील प्लांट ने अपने संबोधन में बताया कि प्लांट में उपयोग होने वाले कई स्पेयर पार्ट्स वर्तमान में विदेशों से आयात किए जाते हैं, जिनका रिवर्स इंजीनियरिंग के माध्यम से देश में ही निर्माण MSME इकाइयों द्वारा किया जा सकता है। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के उद्यमियों को भी BSP के वेंडर के रूप में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।

श्री ए. के. चक्रवर्ती, कार्यकारी निदेशक, भिलाई स्टील प्लांट ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट हमेशा से स्थानीय MSME इकाइयों को अपनी सप्लाई चेन में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों और MSME के बीच सहयोग सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगा।
मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में श्री राजीव अग्रवाल, माननीय अध्यक्ष, CSIDC ने कहा कि वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम MSME और बड़े उद्योगों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा स्थानीय उद्यमियों के लिए नए बाजार अवसरों के द्वार खोलते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के MSME उद्यमियों को गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने MSME के साथ सहयोग को बढ़ावा देने में भिलाई स्टील प्लांट के सहयोग की सराहना भी की।

इस अवसर पर ओ.पी. बंजारे, महाप्रबंधक, CSIDC भी उपस्थित रहे।तकनीकी सत्रों के दौरान अमित उपाध्याय, वरिष्ठ सहायक निदेशक, GeM प्रोजेक्ट, भारत सरकार ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) प्लेटफॉर्म की विशेषताओं और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं श्री प्रतिपाल वहाने, डीजीएम, MSME टेक्नोलॉजी सेंटर दुर्ग ने MSME इकाइयों के लिए प्रशिक्षण सहित विभिन्न सेवाओं की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।