जिन्दल स्टील ओडिशा में दो लौह अयस्क ब्लॉकों के लिए ‘पसंदीदा बोलीदाता’ घोषित

रायपुर।उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील लिमिटेड ने अपनी विकास यात्रा में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्र निर्माण को समर्पित जिन्दल स्टील को ओडिशा के क्योंझर जिले में दो प्रमुख लौह अयस्क ब्लॉकों के लिए ‘पसंदीदा बोलीदाता’ घोषित किया गया है। ओडिशा सरकार ने दिसंबर 2025 में अधिसूचित 12 खनिज ब्लॉकों की ऑनलाइन नीलामी के सफल समापन के बाद यह घोषणा की है।
जिन्दल स्टील को पहले ठाकुरानी-ए-1 लौह अयस्क ब्लॉक का पसंदीदा बोलीदाता घोषित किया गया। यह ब्लॉक लगभग 202 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इसमें जी-3 स्तर के लौह अयस्क की पुष्टि हुई है। इस ब्लॉक में लगभग 50 मिलियन टन लौह अयस्क का भंडार है। कंपनी ने इसके लिए सरकार को 101.20 प्रतिशत प्रीमियम देने का वचन दिया है।
दूसरा ब्लॉक रेंगालाबेरहा उत्तर-पूर्व विस्तार और नुआगांव पश्चिम ब्लॉक है, जो लगभग 84 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें जी-2 स्तर तक के लौह अयस्क की पुष्टि हुई है। यहां अनुमानित 38 मिलियन टन लौह अयस्क का भंडार है। इस ब्लॉक के लिए जिन्दल स्टील ने 111.15 प्रतिशत प्रीमियम देने का वचन दिया है।
जिन्दल स्टील के बारे में
जिन्दल स्टील लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी और अग्रणी स्टील कंपनियों में से एक है। श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह कंपनी अपनी कार्यकुशलता और बेहतरीन क्वालिटी के लिए जानी जाती है। यह कंपनी एक बेहतरीन ‘माइन-टू-मेटल’ मॉडल पर काम करती है। यह खुद के संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का उपयोग कर उच्च-क्षमता एवं प्रदर्शन करने वाले स्टील उत्पाद उपलब्ध कराती है। 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिन्दल स्टील के पास अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक फैक्ट्रियां हैं। कंपनी का व्यवसाय भारत के साथ-साथ अफ्रीका में भी है। देश और दुनिया के बेहतरीन भविष्य के उद्देश्य से जिन्दल स्टील के उत्पादों की श्रृंखला बुनियादी ढांचे, निर्माण और विनिर्माण क्षेत्रों को नई ताकत प्रदान कर रही है।





