युद्ध के बीच ऊर्जा संकट: अमेरिका ने भारत के बाद अन्य देशों को रूस से तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में तेजी के बीच अमेरिका ने कई देशों को रूस से तेल खरीदने की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने और सप्लाई बाधित होने से बचाने के लिए उठाया गया है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह अनुमति केवल उस रूसी तेल पर लागू होगी जो पहले से जहाजों में लदा हुआ है और समुद्र में फंसा हुआ है।
ट्रंप प्रशासन का फैसला
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा आपूर्ति को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए अन्य देशों को अस्थायी रूप से Russia से तेल खरीदने की अनुमति दी जा रही है।
भारत को पहले ही मिल चुकी है राहत
इससे पहले अमेरिका ने India को भी रूस से तेल खरीदने के मामले में राहत देने का संकेत दिया था। माना जा रहा है कि यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित होने से बचाने के लिए लिया गया है, क्योंकि मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
रूस को सीमित फायदा
बेसेंट ने कहा कि यह छूट बहुत सीमित समय के लिए है और केवल उस तेल पर लागू होती है जो पहले से जहाजों में लदा हुआ है। उनके अनुसार इससे रूस को ज्यादा आर्थिक लाभ नहीं होगा, क्योंकि उसे अपने ऊर्जा राजस्व का बड़ा हिस्सा उत्पादन स्थल पर लगाए गए करों से मिलता है।
अमेरिका को भी फायदा
ट्रेजरी सेक्रेटरी ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन की ऊर्जा-समर्थक नीतियों के कारण अमेरिका में तेल और गैस का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें नियंत्रित रखने में मदद मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बनाए रखने और कीमतों में अचानक उछाल को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।





