आज का पंचांग 17 मार्च : आज त्रयोदशी तिथि उपरांत चतुर्दशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त कब से कब तक

मंगलवार, 17 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण त्रयोदशी तिथि प्रातः 09:23 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। आज चंद्रदेव कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जिसके स्वामी राहु हैं। शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव से आज आपकी बुद्धि कुशाग्र रहेगी और समस्याओं को सुलझाने में सहजता महसूस होगी, जो जीवन के सही संचालन के लिए बहुत जरूरी है।
आज सिद्ध और साध्य योग का संयोग बन रहा है, जो आपकी बड़ी इच्छाएं पूरी करने और रचनात्मक कार्यों के लिए ऊर्जा प्रदान करेगा। आज के दिन आपका सत्यवादी और धैर्यवान व्यवहार समाज में आपकी साख बढ़ाएगा। यदि मन में थोड़ा अंतर्मुखी होने या अकेले रहने का भाव आए, तो उसे केवल सुधार के संकेत के रूप में देखें। शुभ कार्यों के लिए दोपहर 12:06 से 12:54 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त सबसे अच्छा है। दोपहर में राहुकाल के समय सावधानी बरतें।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि कृष्ण त्रयोदशी – प्रातः 09:23 बजे तक, फिर चतुर्दशी
योग सिद्ध – प्रातः 08:15 बजे तक
योग साध्य – प्रातः 06:22 बजे तक (18 मार्च)
करण वणिज – प्रातः 09:23 बजे तक
करण विष्टि – रात्रि 08:59 बजे तक, फिर शकुनि
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय प्रातः 06:29 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 06:30 बजे
चंद्रोदय का समय प्रातः 05:57 बजे (18 मार्च)
चंद्रास्त का समय सायं 04:50 बजे
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
अमृत काल रात्रि 11:01 बजे से रात्रि 12:36 बजे तक (18 मार्च)
आज के अशुभ समय
राहुकाल दोपहर 03:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक
गुलिकाल दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
यमगण्ड प्रातः 09:29 बजे से प्रातः 10:59 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव शतभिषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
शतभिषा नक्षत्र: 18 मार्च प्रातः 06:09 बजे तक
स्थान: 6°40’ कुंभ राशि से 20°00’ कुंभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: राहु
राशि स्वामी: शनिदेव
देवता: वरुणदेव (जल के देवता)
प्रतीक: खाली वृत्त (शून्य)
सामान्य विशेषताएं: कुशाग्र बुद्धि, सदाचारी, सत्यवादी, स्वतंत्र विचार, धैर्यवान, आरामपसंद, नेतृत्व करने वाले, रचनात्मक, खोजी, महत्वाकांक्षी, जिज्ञासु, समस्याओं को सुलझाने वाले, थोड़े रहस्यमयी और अंतर्मुखी।





