साइंस कॉलेज में विज्ञान, नवाचार एवं सतत विकास पर राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ

रायपुर। शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ में *“Exploring Interdisciplinary Pathways in Science, Innovation and Sustainability” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन कल भी जारी रहेगा।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. गुफरान बेग, सर आशुतोष मुखर्जी चेयर प्रोफेसर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज (NIAS), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. डब्ल्यू. बी. गुर्नुले, रसायन शास्त्र विभाग, आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर तथा प्रो. (डॉ.) ओम प्रकाश व्यास, कुलपति एवं निदेशक, IIIT नया रायपुर, छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं सम्मेलन के संरक्षक डॉ. अमिताभ बनर्जी ने अपने संबोधन में समकालीन वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु अंतर्विषयक दृष्टिकोण की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. अरुण मिश्रा (प्राचार्य, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुरूद), डॉ. शम्श परवेज एवं डॉ. बी. के. शर्मा तकनीकी सत्रों के अध्यक्ष रहे।
प्रथम दिवस में प्रो. गुफरान बेग ने “SAFAR: A Journey of the Air We Breathe” विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रो. डब्ल्यू. बी. गुर्नुले ने “Green Approach for Sustainable Development using Nanomaterials” विषय पर व्याख्यान देते हुए पर्यावरण अनुकूल नवाचारों पर जोर दिया। वहीं प्रो. (डॉ.) ओम प्रकाश व्यास ने “AI as an Enabling Technology: Mathematical Foundations of Data Management, Machine Learning and Process Intelligence” विषय पर अपने विशेषज्ञ विचार साझा किए।
तकनीकी सत्रों में जैविक विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े 20 से अधिक शोधार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. रेनू महेश्वरी, प्राचार्य, शहीद राजीव पांडेय शासकीय महाविद्यालय, भाठागांव ने की।
सम्मेलन में संयोजक डॉ. संजय घोष एवं डॉ. वर्षा करंजगांवकर हैं, सह-संयोजक डॉ. प्रीति मिश्रा एवं डॉ. सुनीता पात्रा ,सचिव डॉ. सरोज शर्मा तथा संयुक्त सचिव योगेश्वरी पाल उपस्थित थे। महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से उपस्थित थे।
इस सम्मेलन में 120 से अधिक शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों ने पंजीयन कराया है और वे विशेषज्ञ व्याख्यानों एवं शैक्षणिक चर्चाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।सम्मेलन का आयोजन कल भी विभिन्न तकनीकी सत्रों एवं चर्चाओं के साथ जारी रहेगा।
सम्मेलन के दूसरे दिवस में डॉ. नीतू भटनागर, प्रोवोस्ट एवं प्रोफेसर, रसायन शास्त्र, मणिपाल विश्वविद्यालय, जयपुर; डॉ. राज किशोर पटेल, प्रोफेसर, एनआईटी राउरकेला; तथा डॉ. के. एस. पटेल, प्रोफेसर, रसायन शास्त्र, एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ASET), एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़, रायपुर अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। साथ ही रसायन एवं भौतिक विज्ञान के शोधार्थी अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन का आयोजन कल भी विभिन्न तकनीकी सत्रों एवं चर्चाओं के साथ जारी रहेगा।





