पश्चिम एशिया संकट पर भारत सतर्क: राजनाथ सिंह की अगुवाई में उच्चस्तरीय समिति गठित

नई दिल्ली। ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के मद्देनज़र भारत सरकार ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए एक उच्चस्तरीय इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG) का गठन किया है। इस समूह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं।
इस समिति में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। समूह का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत के आयात-निर्यात, ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक और महंगाई पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन करना और समय रहते आवश्यक कदम उठाना है।
संसद में इस मुद्दे पर वक्तव्य देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सात अलग-अलग समूहों का भी गठन किया है। उन्होंने बताया कि ये समूह सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, गैस और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित और दीर्घकालिक रणनीति के तहत कार्य करेंगे।
इस बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति वार्ता की पहल के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। ईरान ने किसी भी प्रकार की मध्यस्थता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
वहीं, इज़राइली रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के यज़्द क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख सैन्य उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया है, जहां कथित रूप से उन्नत मिसाइलों और समुद्री हथियारों का विकास और भंडारण किया जाता था।
पश्चिम एशिया में गहराते इस संकट को देखते हुए भारत सरकार सभी संभावित आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों पर नजर बनाए हुए है।





