बंगाल में मतदाता सूची विवाद: मालदा में उग्र विरोध, हाईवे जाम, अधिकारियों पर गंभीर आरोप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। गुरुवार सुबह से पुराने मालदा ब्लॉक के मंगलबाड़ी इलाके में लोग सड़कों पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। गुस्साए लोगों ने टायर जलाकर और बांस लगाकर सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। हालात को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय बलों को मौके पर तैनात किया गया है।
क्यों भड़का विरोध?
यह प्रदर्शन एक दिन पहले कालियाचक में हुए विरोध का ही विस्तार बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज हैं, फिर भी उन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। इसी के विरोध में बुधवार से ही जिले के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी है।
बुधवार को हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने कुछ न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया। करीब नौ घंटे तक चले इस घेराव के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हाईवे जाम और सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और मालदा-मोथाबारी मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई जगहों पर पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग ने इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। खासतौर पर न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना को गंभीरता से लिया गया है।
आज मालदा में ममता बनर्जी की रैली
इस बीच, ममता बनर्जी आज मालदा जिले के बैष्णवनगर में चुनावी रैली करने वाली हैं। रैली से पहले शुरू हुए इस नए विरोध ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
प्रशासन का आश्वासन
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी जांच कर जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कुछ स्थानों पर प्रदर्शन अस्थायी रूप से समाप्त भी हुआ, लेकिन इलाके में तनाव अब भी बना हुआ है।





