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Breaking : चालान पेश होते ही मिली राहत,शराब घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव शर्तों के साथ जेल से रिहा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले में बड़ी कानूनी कार्रवाई के बीच निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया और आरोपी केके श्रीवास्तव को जमानत मिल गई है। बुधवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा ट्रायल कोर्ट में पूरक चालान पेश किए जाने के तुरंत बाद दोनों को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया।

यह मामला राज्य के कथित हजारों करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें नकली होलोग्राम के जरिए सरकारी दुकानों से बिना एक्साइज ड्यूटी के शराब बेचने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हुआ।

इस प्रकरण में पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बाद में EOW ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव भी इसी मामले में गिरफ्तार किए गए थे।

सौम्या चौरसिया ने जमानत के लिए निचली अदालत और हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो पहले खारिज हो गई थी। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां से हाईकोर्ट को तय समय सीमा में पुनः सुनवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की थी।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जैसे ही EOW ट्रायल कोर्ट में चालान पेश करेगी, उसी दिन जमानत प्रभावी होगी। इसी क्रम में बुधवार को EOW ने करीब 1500 पन्नों का आठवां पूरक चालान पेश किया, जिसमें तीन आरोपियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। अब तक इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ चालान दाखिल किया जा चुका है।

चालान पेश होने के साथ ही अदालत के निर्देशानुसार दोनों आरोपियों की जमानत प्रक्रिया पूरी हुई और उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद दोनों अलग-अलग वाहनों से वहां से रवाना हो गए।

जेल से बाहर आने के बाद केके श्रीवास्तव ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है और उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है।

फिलहाल मामला न्यायालय में लंबित है और आगामी सुनवाई में इस प्रकरण से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।