तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस जारी, विजय अब भी 118 के जादुई आंकड़ों से दूर , बहुमत साबित करने पर अड़े राज्यपाल

चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि अब तक सरकार गठन को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल अपने रुख पर कायम हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने के आधार पर सरकार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है और इसे स्पष्ट रूप से साबित करना आवश्यक होगा।
23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था। लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के कारण एक सीट छोड़ने पर पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी।
बहुमत से अब भी छह विधायक कम
टीवीके को उस समय राहत मिली जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 112 तक पहुंच गया, लेकिन बहुमत से अब भी छह विधायक कम हैं।
बुधवार को विजय ने कांग्रेस के समर्थन पत्र के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके अगले दिन उन्होंने फिर राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस दौरान समर्थन जुटाने और सरकार गठन की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
केवल समर्थन पत्र या मौखिक दावे पर्याप्त नहीं होंगे
हालांकि राजभवन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने साफ कर दिया है कि केवल समर्थन पत्र या मौखिक दावे पर्याप्त नहीं होंगे। स्थिर सरकार के लिए 118 विधायकों का ठोस समर्थन जरूरी होगा।
इस बीच टीवीके नेता वीएस बाबू ने कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सकती है। हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार के दबाव से जुड़े सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की।





