आज का पंचांग 17 मई : आज ज्येष्ठ प्रतिपदा तिथि, जानें शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा

अंग्रेजी तारीख 17 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सायं 04:30 से 06:00 बजे तक। प्रतिपदा तिथि रात्रि 09 बजकर 40 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ। कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 02 बजकर 32 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। शोभन योग प्रातः 06 बजकर 15 मिनट तक उपरांत अतिगण्ड योग का आरंभ। किस्तुघ्न करण प्रातः 11 बजकर 36 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृषभ राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा – रात्रि 09:40 बजे तक, फिर द्वितीया
योग शोभन – प्रातः 06:15 बजे तक, फिर अतिगण्ड
करण किस्तुघ्न – प्रातः 11:36 बजे तक
करण बव – रात्रि 09:40 बजे तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय:
प्रातः 05:29 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 07:06 बजे
चंद्रोदय का समय: प्रातः 05:30 बजे
चंद्रास्त का समय: सायं 07:58 बजे
आज के व्रत त्योहार- ज्येष्ठ अधिक मास प्रारंभ।
आज का शुभ मुहूर्त 17 मई 2026 :
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक।
अमृत काल दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 01 बजकर 50 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 00 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 17 मई 2026 :
सायं 04:30 से 06:00 बजे तक राहुकाल रहेगा।
दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
कृत्तिका नक्षत्र: दोपहर 02:32 बजे तक
स्थान: 26°40’ मेष राशि से 10°00’ वृषभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव और शुक्रदेव
देवता: अग्निदेव
प्रतीक: भाला या अस्त्र
सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग तेज बुद्धि वाले और स्वाभिमानी होते हैं। ये स्वभाव से निडर, ऊर्जावान और धार्मिक प्रवृत्तियों वाले होते हैं। सामाजिक रूप से प्रभावशाली होने के साथ-साथ इनमें बड़ी इच्छाएं होती हैं और ये अपने लक्ष्यों के प्रति बहुत समर्पित रहते हैं।
आज का उपाय : आज सूर्य देव को जल चढ़ाएं और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें। रविवार के दिन तांबे के पात्र या गुड़ का दान करना आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन को बनाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।





