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आज का पंचांग 19 मई : ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया तिथि, जानें राहुकाल का समय और शुभ मुहूर्त

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अंग्रेजी तारीख 19 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक। तृतीया तिथि दोपहर 02 बजकर 18 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। मृगशिरा नक्षत्र प्रातः 08 बजकर 41 मिनट तक उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ। धृति योग सायं 05 बजकर 49 मिनट तक उपरांत शूल योग का आरंभ। गरज करण दोपहर 02 बजकर 18 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण
तिथि शुक्ल तृतीया दोपहर 02:18 बजे तक, फिर चतुर्थी
योग
धृति – सायं 05:49 बजे तक, फिर शूल
करण गरज – दोपहर 02:18 बजे तक
करण वणिज – रात्रि 12:39 बजे (20 मई) तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय
प्रातः 05:28 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 07:07 बजे
चंद्रोदय का समय प्रातः 07:33 बजे
चंद्रास्त का समय रात्रि 10:13 बजे
आज के व्रत त्योहार तृतीया।

आज का शुभ मुहूर्त 19 मई 2026 :
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक।
अमृत काल रात्रि 09 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 40 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 58 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 19 मई 2026 :
दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक राहुकाल रहेगा।
दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव मृगशिरा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
मृगशिरा नक्षत्र: प्रातः 08:41 बजे तक
स्थान: 23°20’ वृषभ राशि से 6°40’ मिथुन राशि तक
नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव
राशि स्वामी: शुक्रदेव और बुधदेव
देवता: सोम (अमृत और चंद्रमा के देवता)
प्रतीक: हिरण का सिर

सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग सौम्य स्वभाव और आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। ये बुद्धिमान, मेहनती और सरल जीवन पसंद करने वाले होते हैं। कूटनीति में माहिर होने के साथ-साथ इनका स्वभाव थोड़ा परिवर्तनशील भी हो सकता है।

आज का उपाय : आज हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। मंगलवार के दिन लाल फल या मिठाई का दान करना और सुंदरकांड का पाठ करना साहस में वृद्धि और कार्यों के सकारात्मक संचालन के लिए उत्तम रहता है।