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Supreme Court March: CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मिलने से किया इनकार, कहा- मार्च की जगह याचिका दायर करें

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे कांग्रेस और INDI गठबंधन के विपक्षी नेताओं को बड़ा झटका लगा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने नेताओं को सलाह दी है कि मार्च निकालने और ज्ञापन सौंपने के बजाय संबंधित मुद्दों पर अदालत में याचिका दायर करें। विपक्षी नेता कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर सीजेआई को ज्ञापन सौंपना चाहते थे।

अदालत में विचाराधीन हैं मुद्दे, CJI ने बताई वजह

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, सीजेआई ने ईमेल के जरिए भेजे जवाब में मुलाकात से इनकार करने की वजह स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, वे पहले से ही अदालत के विचाराधीन हैं और उन पर सुनवाई चल रही है।

सीजेआई ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लिए किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से इस तरह प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात करना उचित प्रक्रिया नहीं है। अदालत का काम याचिकाओं पर सुनवाई करना और कानून के अनुसार फैसला सुनाना है।

उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के दरवाजे सभी नागरिकों के लिए 24 घंटे खुले हैं और सुप्रीम कोर्ट हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सोमवार शाम 4 से 5 बजे तक मांगा था मिलने का समय

विपक्षी गठबंधन ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच सीजेआई से मुलाकात के लिए समय मांगा था। योजना थी कि विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर कथित चुनावी धांधली के संबंध में मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेंगे।

हालांकि, सीजेआई के इनकार के बाद भी विपक्ष की ओर से सोमवार को मार्च निकाले जाने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिले थे विपक्षी सांसद

इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। इन आरोपों के बीच विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन

सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े विरोध प्रदर्शनों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दल SIR में कथित अनियमितताओं सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

सीजेपी और कुछ छात्र संगठन भी इस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष अलग-अलग महत्व रखते हैं।

राहुल गांधी बोले- मार्च किसी एक पार्टी का नहीं

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं, बल्कि सभी भारतीयों का है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को फायदा हुआ है। विपक्ष इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।अब सीजेआई के मुलाकात से इनकार के बाद सबकी नजरें विपक्ष के अगले कदम और प्रस्तावित मार्च पर टिकी हैं।