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DGP/IGP नेशनल कॉन्फ्रेंस: PM मोदी और गृहमंत्री शाह ने भारत के सिक्योरिटी सिस्टम के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की

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नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर में आयोजित DGP/IGP कॉन्फ्रेंस के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारत के सिक्योरिटी सिस्टम के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की। यह कॉन्फ्रेंस देशभर के पुलिस प्रमुखों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपने अनुभव साझा करते हैं, बेस्ट प्रैक्टिस और इनोवेशन पर विचार-विमर्श करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर रणनीतियाँ तैयार करते हैं। कॉन्फ्रेंस में भाग लेने वाले अधिकारियों ने कहा कि यह फोरम सुरक्षा से जुड़े सभी अहम क्षेत्रों को कवर करता है। इसमें साइबर सुरक्षा, आतंकवाद रोकथाम, कानून और व्यवस्था बनाए रखना, लोक सुरक्षा की नई तकनीकों का उपयोग और जनसंपर्क सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सुरक्षा बलों की मेहनत, समर्पण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दी गई सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा हर नागरिक की प्राथमिकता होनी चाहिए और पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और डेटा-ड्रिवन एप्रोच अपनाने की आवश्यकता है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी कॉन्फ्रेंस में भाग लिया और देश में सुरक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को डिजिटल टूल्स और इनोवेशन को अपनाकर अपराध रोकने और अपराधियों तक त्वरित पहुँच सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि

बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने से न केवल राज्यों के बीच सहयोग बढ़ता है, बल्कि एक साझा रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलती है। कॉन्फ्रेंस के दौरान DGPs और IGPs ने अपने राज्यों की सफल पहलों, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में नवाचार को प्रस्तुत किया। इसमें रियल-टाइम निगरानी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स आधारित अपराध रोकथाम, और सोशल मीडिया निगरानी जैसे पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार अपडेट और नई तकनीक के इस्तेमाल से ही पुलिसिंग अधिक प्रभावी और नागरिक केंद्रित हो सकती है।

सिक्योरिटी फोरम में आतंकवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशा रोकथाम और भीड़ नियंत्रण जैसी चुनौतियों पर भी विचार किया गया। कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य देशभर के पुलिस प्रमुखों को एक साझा मंच देना है, जिससे वे सीख सकें, अपने अनुभव साझा कर सकें और सुरक्षा मामलों में एक दूसरे से सहयोग बढ़ा सकें। इस प्रकार की बैठकें न केवल सुरक्षा उपायों को मजबूत करती हैं, बल्कि पुलिसिंग में नवाचार और दक्षता को भी बढ़ावा देती हैं। अधिकारियों ने कहा कि कॉन्फ्रेंस से उन्हें नई तकनीक, रणनीतियों और प्रक्रियाओं की

जानकारी मिली, जिन्हें वे अपने-अपने राज्यों में लागू कर सकते हैं। रायपुर में यह कॉन्फ्रेंस दो दिन तक चलने वाली है और दूसरे दिन भी विभिन्न वर्कशॉप और सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें अपराध रोकथाम, डेटा एनालिटिक्स, कानून व्यवस्था और पुलिसिंग में आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर और भी गहन चर्चा होगी। इस फोरम को देश के पुलिसिंग क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि यह अधिकारियों को आधुनिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने, नई तकनीक अपनाने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है।