मौसम बदलने से बीमारियां ले सकती है चपेट में, इन बातों का ध्यान रख रखें सेहत का ध्यान

तेज गर्मी के बाद जब मानसून आता है, तो सभी को राहत पहुंचाता है। यूं तो तापमान कम होने और मौसम सुहाना होने से सभी को अच्छा महसूस होता है। लेकिन मौसम बदलने पर अक्सर कई तरह की बीमारियां भी हमें घेर सकती हैं। खासकर, सर्दी-खांसी इस मौसम में काफी परेशान करती है। मौसम बदलने पर अक्सर लोगों में सर्दी-खांसी, जुकाम और गले से जुड़ी समस्याएं नजर आने लगती हैं। बच्चों को इस तरह की परेशानियां जल्दी घेर लेती हैं। ऐसे में कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से आप मानसून में होने वाली सर्दी-खांसी, एलर्जी, गले के इंफेक्शन और बहती नाक से निजात पा सकते हैं।
अदरक और शहद
अदरक और शहद, दोनों ही सर्दी-खांसी में आराम देने के लिए कारगर हैं। सोंठ की तासीर गर्म होती है। यह इम्यूनिटी को भी बूस्ट करती है। वहीं1 टीस्पून सोंठ यानी सूखी अदरक के पाउडर को 1 टीस्पून शहद के साथ दिन में तीन बार खाने से लगभग आधे घंटे पहले लें। बच्चों के लिए इस खुराक को एक चौथाई टीस्पून कर दें।
हल्दी, काली मिर्च और शहद
शहद और हल्दी, दोनों हीलिंग फूड माने जाते हैं। दोनों में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। वहीं, काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं। जिसकी वजह से यह मौसमी फ्लू या सर्दी-जुकाम में बचाव में मददगार है। 1 टीस्पून हल्दी में 1 चुटकी काली मिर्च (काली मिर्च के फायदे) और शहद मिलाएं। इसे दिन में दो बार खाने के बाद लें। बच्चों के लिए इस खुराक को आधा कर दें।
इन टिप्स को करें फॉलो
० मानसून में सर्दी-खांसी को दूर करने के लिए तुलसी की चाय, मेथी का चाय, अदरक-पुदीने की चाय का सेवन करें।
० इसके अलावा हल्दी और नमक के पानी से दिन में 2-3 बार कुल्ला करें।
० पुदीने, अजवाइन, मेथी और हल्दी के पानी को उबालकर इससे स्टीम लें।
० दिन भर गुनगुना पानी पिएं।
० इसके अलावा फैटी फूड्स, तले-भुने और बासी खाने से दूरी बनाएं।
० घर का बना हल्का खाना खाएं।
० दिन में दो बार अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम जरूर करें।





