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18 या 19 मई, कब है मोहिनी एकादशी? जानें इस व्रत का महत्व

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एकादशियों में मोहिनी एकादशी सबसे ज्यादा खास है. क्योंकि, भगवान विष्णु के नाम से इस एकादशी का व्रत रखा जाता है. विष्णु भगवान के कई अवतार हैं. इस अवतार में से एक मोहिनी स्त्री का रूप है. मोहिनी के नाम से ही इस एकादशी का व्रत रखा जाता है.माना जाता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत रख कर भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है. इस साल मोहिनी एकादशी के दिन कई कई शुभ योग का भी निर्माण होने जा रहा है. मोहिनी एकादशी का पूजा का क्या है शुभ मुहूर्त क्या शुभ संयोग निर्माण हो रहा है

कब से शुरू हों रही है एकादशी तिथी
एकादशी तिथि की शुरुआत 18 मई शनिवार दोपहर 12 बजकर 43 मिनट से होने जा रहा है. इसके साथ ही एकादशी तिथि का समापन अगले दिन 19 मई तीन रविवार शाम 04 बजकर 26 मिनट में हो रहा है. उदया तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 19 में को रखा जाएगा.

स्वयं भगवान श्री राम ने रखा था यह व्रत
विष्णु धर्मोत्तर पुराण के शास्त्र में वर्णन है कि जब सीता माता भगवान श्री राम से बिछड़ गए थे तब ऋषि नारद ने उन्हें मोहिनी एकादशी का व्रत रखने को कहा था. उसके बाद भगवान श्री राम ने स्वयं मोहिनी एकादशी का व्रत रखा था. जिससे माता सीता को ढूंढने में उन्हें सफलता हासिल हुई थी.यानी कि मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से हर कार्य में आपको सफलता हासिल होगी.

मोहिनी एकादशी के दिन इन मंत्र का जाप करते हुए करें पूजा
पूजा पाठ में मंत्र का खास महत्व होता है. इसीलिए मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के कुछ मंत्र जैसे ॐ नमो नारायणय, ॐ हिं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नमः, ॐ क्लीं कृष्णाय नमः का जाप करते हुए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी प्रकार के पाप, दोष समाप्त हो जाएंगे और हर कार्य में सफलता मिलेगी.