झीरम घाटी मामले पर बयान देकर बुरे फंसे विकास तिवारी कांग्रेस पार्टी से निकाले गए, निष्कासन की कार्रवाई
रायपुर। झीरम घाटी मामले पर दिए बयान के बाद से ही कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। पार्टी ने पहले उन्हें प्रवक्ता के पद से हटाया था और अब कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकास तिवारी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विकास तिवारी को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
दरअसल, विकास तिवारी ने ने झीरम घाटी कांड के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री कवासी लखमा का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। इतना ही नहीं विकास ने भाजपा के तत्कालीन प्रदेश प्रभारी रहे जेपी नड्डा का भी नार्कोटेस्ट की मांग की थी। उनके इस बयान के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में हड़कंप मच गया था। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर विकास तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। विकास तिवारी की तरफ से कारण बताओ नोटिस का जवाब भी दिया गया, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विकास तिवारी का जवाब संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू ने आदेश जारी करते हुए विकास तिवारी को 6 साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया है।





