छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने की NMC भंग करने की मांग, चिकित्सा के गिरते हुए स्तर पर जताई चिंता
रायपुर। देश में चिकित्सा शिक्षा के गिरते स्तर और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर NMC को तत्काल भंग करने की मांग की है। सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने NEET PG के कट-ऑफ को घटाकर माइनस 40 करने के निर्णय को चिकित्सा जगत के लिए एक ‘काला अध्याय’ बताया है।
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में डॉ. सोलंकी ने कहा कि NMC का गठन चिकित्सा शिक्षा के मानकों को ऊपर उठाने के लिए किया गया था लेकिन इसके विपरीत आयोग ने योग्यता का उपहास उड़ाया है। पत्र में तर्क दिया गया है कि कट-ऑफ को शून्य से भी नीचे (-40) ले जाना न केवल पेशेवर गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि भविष्य में कम योग्य विशेषज्ञों के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालता है।





