#प्रदेश

राष्ट्रीय विद्यालय की 107 वी वर्षगांठ मनायी गई

Advertisement Carousel

 

रायपुर। रायपुर के कचहरी चौक स्थित राष्ट्रीय विद्यालय ने अपने गौरवशाली इतिहास के 107 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा थे।

सत्यनारायण शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय स्कूल के 100 वर्ष से अधिक का इतिहास अपने आप में अद्भुत और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की स्थापना उस दौर में हुई थी जब देश स्वतंत्रता आंदोलन से गुजर रहा था और आज़ादी के दीवानों के बच्चों को शिक्षा देने के उद्देश्य से यह संस्था खड़ी की गई। इसमें सेठ स्व.नेमीचंद श्रीमाल एवं स्व. गोविंदलाल वोरा जैसे महान समाजसेवियों का अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था का सौ वर्षों से अधिक समय तक निरंतर कार्य करना उसकी मजबूत जड़ों और दूरदर्शिता को दर्शाता है। आज यह संस्था एक विशाल वटवृक्ष के रूप में स्थापित हो चुकी है और यहां से शिक्षा प्राप्त कर अनेक विद्यार्थी देश-विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

इस स्कूल के अध्यक्ष अजय तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय समिति स्व. माधवराव सप्रे, स्व. सेठ शिवदास डागा एवं स्व. सेठ बालकिशन नत्थानी जैसे महापुरुषों के सपनों से सिंचित है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय से पढ़े हुए अनेक छात्र, जैसे आर.पी. शर्मा एवं श्री सिन्हा, उच्च प्रशासनिक पदों पर आसीन रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1932 में महात्मा गांधी के रायपुर आगमन के दौरान वे राष्ट्रीय विद्यालय आए थे और यहां की शैक्षणिक व्यवस्था से प्रभावित होकर नागपुर में भी राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना करवाई।

इस समारोह में राष्ट्रीय विद्यालय के अध्यक्ष अजय तिवारी, उपाध्यक्ष मदनलाल तालेड़ा, सचिव नरेशचंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजकिशोर नत्थानी, वरिष्ठ सदस्य गोकुलदास डागा, सदस्य आर.के. गुप्ता, विजय दानी, साथ ही पी.जी. डागा कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. श्रीमती संगीता घई, समस्त प्राध्यापकगण, राष्ट्रीय विद्यालय के प्राचार्य यू.एस. व्यास एवं समस्त शिक्षकगण तथा बाल आश्रम के अधीक्षक अनिल चंद्राकर व स्टाफ उपस्थित थे।

इसमें में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रधान संपादक छत्तीसगढ़ वाच राम अवतार तिवारी, प्रधान संपादक पत्रिका समवेत सृजन रवि भोई, वरिष्ठ पत्रकार तरुण छत्तीसगढ़ प्रकाश शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इन्होंने भी अपने विचार व्यक्त किए कहा कि यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि सामाजिक चेतना और राष्ट्रनिर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ भी रहा है।