‘Four Stars of Destiny’ विवाद पर जनरल नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, पेंगुइन इंडिया के बयान को किया साझा
दिल्ली।पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर चल रहे विवाद पर अब स्थिति साफ होती दिख रही है। जनरल नरवणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पुस्तक के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का आधिकारिक बयान साझा करते हुए किताब की मौजूदा स्थिति स्पष्ट कर दी है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि पुस्तक की कोई भी प्रति अब तक न तो मुद्रित हुई है और न ही डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित या बेची गई है। प्रकाशक ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित हो रही किसी भी प्रति को अनधिकृत माना जाएगा और यह कॉपीराइट उल्लंघन के दायरे में आएगी।
प्रकाशन हाउस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी किताब की घोषणा, उसे प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध कराना और उसका वास्तविक प्रकाशन—तीनों अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। प्री-ऑर्डर का अर्थ यह नहीं होता कि किताब पहले से ही पाठकों के लिए उपलब्ध है।
इससे पहले, पुस्तक की कथित प्रतियां सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। वहीं, संसद परिसर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कथित तौर पर इस किताब की एक प्रति दिखाते हुए देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
राहुल गांधी ने दावा किया है कि यह संस्मरण सार्वजनिक डोमेन में है और सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इन दावों को खारिज करते हुए दोहराया है कि पुस्तक अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और इसके सभी अधिकार उसी के पास हैं।





