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टीएमसी के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन: कोलकाता में ली अंतिम सांस, बंगाल की राजनीति में शोक

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कोलकाता। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और एक अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय ने जानकारी दी कि देर रात करीब 1:30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। वे 71 वर्ष के थे।

टीएमसी के संस्थापक नेताओं में शुमार

मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। पार्टी संगठन को खड़ा करने और विस्तार देने में उनकी अहम भूमिका रही। ममता बनर्जी के बाद उन्हें पार्टी में दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता था। जब केंद्र में टीएमसी की भागीदारी हुई, तब उन्हें रेल मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

संसदीय और राजनीतिक सफर

साल 2006 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए और 2009 से 2012 तक राज्यसभा में पार्टी के नेता रहे। अपनी संगठन क्षमता और रणनीतिक कौशल के कारण उन्हें एक समय बंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ कहा जाता था।

टीएमसी से दूरी और भाजपा में शामिल

2010 के दशक में शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद उनके और टीएमसी नेतृत्व के बीच दूरियां बढ़ीं। फरवरी 2015 में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया गया और सितंबर 2017 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद वे 2017 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिम बंगाल में 18 सीटों पर जीत मिली, जिसमें उनकी रणनीति को महत्वपूर्ण माना गया।

फिर टीएमसी में वापसी

साल 2021 में वे कृष्णानगर उत्तर सीट से विधायक चुने गए, लेकिन कुछ समय बाद भाजपा छोड़कर फिर से टीएमसी में लौट आए। हालांकि वापसी के बाद वे सक्रिय राजनीति में पहले जितने प्रभावशाली नहीं रहे।

उनके निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।