छत्तीसगढ़ बैंक एम्पलाईज एसोसिएशन का हुआ 5वा त्रैवार्षिक अधिवेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़ बैंक एम्पलाईज एसोसिएशन का 5वा त्रैवार्षिक अधिवेशन गरिमापूर्ण माहौल में रायपुर के होटल ग्रैंड इम्पीरिया वीआईपी रोड में संपन्न हुआ जिसके उद्घाटनकर्ता एवं मुख्य अतिथि एआईबीईए के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड सी एच वेंकटाचलम थे, विशेष अतिथि के रूप में एआईबीओए के छत्तीसगढ़ प्रदेश के चेयरमैन कॉमरेड एस के मुखर्जी (पप्पू दादा) थे एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष कॉमरेड अनिल साखरकर थे।
सर्वप्रथम अतिथियों कों मंच पर बैठाया गया एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया । दीप प्रज्वलन के पश्चात एआईबीईए के भूतपूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी कॉमरेड परवाना,कॉमरेड प्रभातकार एवं कॉमरेड तारकेश्वर चक्रवर्ती के फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित की गई । पुष्पांजलि अर्पण के पश्चात अतिथियों के स्वागत की कड़ी में कॉमरेड सी एच वेंकटाचलम जी का छतीसगढ़ के पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया । इसके पश्चात स्वागत समिति के अध्यक्ष कॉमरेड अनिल साखरकर ने सभी साथियों का स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ के इतिहास,परंपरा एवं सामाजिक,आर्थिक,भौगोलिक विशेषताओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी । फिर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित कॉमरेड एस के मुखर्जी (पप्पू दादा) ने अपने उद्बोधन में पूर्व से ले कर आज तक अधिकारियों एवं अन्य यूनियन की गतिविधियों की जानकारी दी ।
इस गरिमामय अधिवेशन में विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी तथा विभिन्न बैंको के उच्च पदस्थ अधिकारी
भी शामिल हुए और उन्होंने भी सभा को संबोधित कर के अधिवेशन की सफलता के लिए शुभकामनाए दी ।
जिनमे मुख्यत: कॉमरेड धर्मराज महापात्रा एलआईसी यूनियन की तरफ से,कॉमरेड सुरेश बानी इनबेफ की तरफ से, कॉमरेड रत्नेश चौधरी पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारी संगठन के तरफ से,कॉमरेड हरिनाथ सिंह एआईटीयूसी के तरफ से शामिल थे ।
इसके पश्चात मुख्य अतिथि कॉमरेड सी एच वेंकटाचलम द्वारा आज की विपरीत परिस्थिति में बैंकिंग एवं फाइनेंसियल सेक्टर पर अपना उद्बोधन दिया गया।
उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला:
– उन्होंने बैंक निजीकरण का विरोध किया और यह जानकारी दी कि बैंक निजीकरण को विभिन्न सरकारों द्वारा 1991 से लाया जाता रहा है और यूनियनों द्वारा इसके विरोध में पिछले 36 वर्षों में 54 हड़ताल की गई हैं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
– उन्होंने बैंक कर्जदारों के बारे मे जानकारी दी कि बैंको में हिंदुस्तान के गरीब जनता का 2.25 लाख करोड़ रुपए है । उन्होंने जानकारी दी कि करीब 6 लाख करोड़ रूपए का ऋण भारत के बड़े घरानों द्वारा लिया गया था उसकी वसूली न होने पर उसे माफ कर दिया गया जिससे बैंकों के शुद्ध लाभ में वित्तीय नुकसान हुआ ।
– उन्होंने लेबर कोड पर भी भारत सरकार की नीतियों पर विरोध जताया।
– उन्होंने फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट के बारे में बताया जो युवाओं के भविष्य के लिए अति हानिकारक है।
– उन्होंने असंगठित क्षेत्रों के मजदूर जो भारत में करीब 40 करोड़ से ऊपर है, उन्हें संगठित करने पर जोर दिया।
– उन्होंने श्रम कानून में सरकार द्वारा ये बदलाव लाया जाना की हड़ताल हेतु 60 दिनों की पूर्व नोटिस पीरियड एवं सम्मिलित होने के लिए बैंक के मेंबर साथियों का मत लेना इस बदलाव का भी विरोध किया ।
इसके पश्चात अतिथियों को छतीसगढ़ का राजकीय गमछा पहनाकर एवं बस्तर आर्ट से बना स्मृति चिह्न दे कर सम्मानित किया गया ।
सभा के दूसरे चरण में प्रतिनिधि सत्र का आयोजन हुआ जिसमें सीजीबीईए के महासचिव कॉमरेड शिरीष नलगुंडवार ने महासचिव प्रतिवेदन सभा के सम्मुख प्रस्तुत किया। कॉमरेड एसके अग्रवाल कोषाध्यक्ष द्वारा अकाउंट्स प्रस्तुत किया गया। सभा के अंत में वर्ष 2026 से 2029 तक के कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी
का गठन किया गया। कॉमरेड शिरीष नलगुंडवार चेयरमैन, कॉमरेड ओम वर्मा अध्यक्ष, कॉम पीके दास महासचिव एवं कॉमरेड अजय कुलकर्णी कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए तथा अन्य साथियों का भी अन्य पदों में निर्वाचन हुआ । एआईबीईए
के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड सी एच वेंकटाचलम ने नई कार्यकारिणी में निर्वाचित हुए सभी पदाधिकारियों को बधाई दी एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
इस प्रकार सीजीबीईए के महासचिव कॉमरेड शिरीष नलगुंडवार के नेतृत्व में ये अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।





