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24 साल बाद घर आई ‘लक्ष्मी’: धमतरी में बेटी के जन्म पर बारात जैसा जश्न, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

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धमतरी। छत्तीसगढ़ के Dhamtari में एक परिवार ने बेटी के जन्म को यादगार उत्सव में बदल दिया। करीब 24 साल बाद घर में बेटी के जन्म पर ऐसा जश्न मनाया गया कि पूरा इलाका उत्सव के रंग में रंग गया।

मकेश्वर वार्ड निवासी एक दंपती के यहां 1 अप्रैल को बेटी का जन्म हुआ। परिवार के लिए यह खुशी इसलिए और भी खास थी क्योंकि ढाई दशक बाद उनके वंश में पहली बार बेटी ने जन्म लिया। इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए परिजनों ने अनोखी तैयारी की।

अस्पताल से घर तक बना जश्न का माहौल

जब मां और नवजात को अस्पताल से घर लाया गया, तो पूरा रास्ता किसी बारात से कम नहीं था। ढोल-नगाड़ों की गूंज, आतिशबाजी और नाचते-गाते लोग—हर तरफ खुशी का माहौल नजर आया।
करीब दो किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया, जिसे देखने के लिए राहगीर भी रुक गए।

सजी-धजी गाड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

बच्ची को जिस वाहन से घर लाया गया, उसे खास तौर पर सजाया गया था। गाड़ी पर बड़े अक्षरों में बेटी के जन्म की खुशी जताई गई थी, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई।

समाज को दिया खास संदेश

परिवार के सदस्यों ने कहा कि बेटी का जन्म उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। इस अनोखे जश्न के जरिए उन्होंने समाज को संदेश दिया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि खुशियों और उज्ज्वल भविष्य की प्रतीक होती हैं।

धमतरी की यह पहल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का उदाहरण भी।