प्रश्न पत्र विवाद के बाद बड़ी कार्रवाई: जिला शिक्षा अधिकारी निलंबित, जांच में अनियमितताएं भी उजागर

दिलीप गुप्ता ,सरायपाली। कक्षा चौथी के प्रश्न पत्र में “कुत्ते के नाम शेरू या राम” जैसे विकल्प को लेकर उठे विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को निलंबित कर दिया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
अर्धवार्षिक परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में एक प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में “राम” नाम शामिल किए जाने पर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था। मामला तूल पकड़ने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई।
जांच में गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं उजागर
जांच में पाया गया कि प्रश्न पत्र तैयार करने और वितरण की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी.इसके बावजूद उचित कार्य योजना और निगरानी नहीं की गई.प्रश्न पत्र में गंभीर लापरवाही के कारण विवादित सामग्री शामिल हुई.इससे शासन और विभाग की छवि प्रभावित हुई. अन्य आरोप भी सामने आए. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उच्च न्यायालय से जुड़े एक मामले में आदेशों की अनदेखी की गई.विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया गया.कार्यालयीन लेखा-परीक्षण में गंभीर अनियमितताएं मिलीं।इसे अनुशासनहीनता और कदाचार माना गया.
सरकार का फैसला
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय निर्धारित किया गया है।
नया प्रभार किसे मिला?
निलंबन के बाद बी.एल. देवांगन, प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को महासमुंद जिले का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है।
मामले का असर
यह मामला शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिस पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।






