“भारत और भारतीयता सर्वोपरि” — पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना, विकास और स्थिरता पर जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हालिया संबोधन में “भारत और भारतीयता” को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि देश की राजनीति में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि Bharatiya Janata Party (भाजपा) केवल एक राष्ट्रीय पार्टी नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ने वाली ताकत है।
प्रधानमंत्री ने Indian National Congress (कांग्रेस) पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद उसे जनता के भावनात्मक जुड़ाव का लाभ मिला, लेकिन समय के साथ वह जनता का भरोसा खोती चली गई। उनके अनुसार, कांग्रेस देश की बदलती आकांक्षाओं और युवाओं की उम्मीदों को समझने में असफल रही है।
देश में कम्युनिस्ट विचारधारा का प्रभाव घटा
इस दौरान उन्होंने Samajwadi Party (सपा) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने महिला आरक्षण का विरोध किया और इसके कारण उसे महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने Trinamool Congress (टीएमसी) और Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) पर भी महिलाओं की आकांक्षाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कम्युनिस्ट विचारधारा का प्रभाव घटा है और Communist Party of India (Marxist) जैसे दल अब सत्ता से दूर हो चुके हैं। उन्होंने इसे देश की बदलती सोच का संकेत बताया।
पीएम मोदी ने ‘अंग, बंग और कलिंग’ का उल्लेख
पूर्वी भारत के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने ‘अंग, बंग और कलिंग’ का उल्लेख किया और कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का विकास “विकसित भारत” के लक्ष्य के लिए अहम है। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में जनता ने भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा जताया है।
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के मतदाताओं ने स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश एकजुट होकर “विकसित भारत” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर चिंता जताई और सभी दलों से “बदला नहीं, बदलाव” की राजनीति अपनाने की अपील की।




